Madhepura Farmer Training: मुरलीगंज (मधेपुरा). प्रखंड कृषि किसान भवन के सभागार में गुरुवार को प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मुख्य विषय "दलहनी फसलों की खेती एवं कीट-व्याधि प्रबंधन" रहा. इसमें विभिन्न पंचायतों से आए किसानों को वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया.
दलहनी फसलों की उन्नत खेती पर दिया गया प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र, मधेपुरा के वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. आर.बी. शर्मा ने खरीफ मौसम में अरहर, उड़द एवं मूंग जैसी दलहनी फसलों की उन्नत खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा अधिक उत्पादन प्राप्त करने के वैज्ञानिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी.
कीट एवं रोग प्रबंधन की बताई तकनीक
वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों की पहचान करने के तरीके बताए. साथ ही जैविक एवं एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की.
आधुनिक खेती अपनाने की अपील
विशेषज्ञों ने किसानों से समय पर फसल प्रबंधन अपनाने, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने तथा वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है.
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
Madhepura Farmer Training: प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजीत कुमार, बीटीएम जयकुमार भारतीय, कृषि समन्वयक प्रवीण कुमार, किसान सलाहकार ब्रजनंदन कुमार, रजनीश कुमार आर्य, किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद विश्वास सहित किसान उमेश यादव, कौशल कुमार, अरविंद यादव, जगन्नाथ साह, शंभू राम एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.
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