शहर में समस्या की कमी नहीं, कचरा, नाला और गंदगी में उलझी हैं शहर की जनता

जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के विरुद्ध अब लोगों का आक्रोश गहराने लगा है.

हमेशा कचरा उठाव को लेकर लोगों को रहती है शिकायत- प्रतिनिधि, मधेपुरा मुख्य पार्षद की उदासीनता अब नगर के लोगों को रास नहीं आ रही है. समस्याओं के मकड़जाल में शहर उलझा हुआ है. कहने को क्षेत्र नगर परिषद है, लेकिन सुविधा शून्य है. शहर में न जलनिकासी की व्यवस्था है और न ही सफाई की. जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के विरुद्ध अब लोगों का आक्रोश गहराने लगा है. लोग सिस्टम से परेशान हैं. ज्ञात हो कि बिना बारिश के ही शहर में जलजमाव की समस्या गहराने लगी है. बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी का अंदाजा लगा सकते है. हल्की सी बारिश में भी शहर की सड़कों पर लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जायेगा. – लाखों खर्च के बाद भी हालत खराब- हर बार नगर परिषद प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बरसात होते ही सारे दावों की कलई खुल जाती है. जगह-जगह है कूड़े-कचरे का ढेर सफाई के नाम पर नगर परिषद द्वारा महीने में तकरीबन 20 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद सफाई नाममात्र की होती है. जगह-जगह गंदगी पसरी रहती है. शहर के सरकारी भवन के सामने तो हमेशा कचरे का ढेर लगा रहता है. मुख्य बाजार की हालत भी तो बद से बदतर है. शहर के अन्य मोहल्ले की बात छोड़िए बाजार में मुख्य मार्ग में जहां-तहां गंदगी पसरी रहती है. वहीं, शहरी क्षेत्र के मुख्य मार्ग में ही गाय का बसेरा बना हुआ है. सड़क पर गायों के खुले छोड़ने के कारण यातायात की समस्या होती है. कई बार इस वजह से दुर्घटनाएं भी हुई हैं. – नप नहीं बना सकी पार्किंग- कहीं नहीं है पार्किंग की व्यवस्था शहर में वाहनों की पार्किंग नहीं है. बाहर से आने वाले लोगों को अपने वाहनों को लगाने के लिए यत्र-तत्र भटकना पड़ता है. बावजूद कोई जगह नहीं रहने के कारण सड़क पर ही वाहन खड़े करने की मजबूरी रहती है. सड़क पर जगह-जगह वाहन खड़े रहने से अक्सर जाम की समस्या बनी रहती हैं. शहरवासियों के लिए यह एक बड़ी समस्या बनी हुई है. जिला प्रशासन द्वारा एक वाहन पार्किंग की व्यवस्था समाहरणालय के सामने स्थित रेडक्रॉस भवन में किया गया है. मात्र समाहरणालय व न्यायालय आने वाले लोगों को ही इसका फायदा मिल पाता है. – सार्वजनिक यूरिनल तक नहीं बना सकी नप- पूरे शहर में कही नहीं है शौचालय पूरे शहरी क्षेत्र में कही भी सार्वजनिक यूरिनल व शौचालय की व्यवस्था नहीं है. कितने ही बार जोर शोर से यह मांग उठाई गई है, लेकिन अब तक नगर परिषद प्रशासन ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया है. इस वजह से बाहर से कार्यालयों अथवा बाजार खरीददारी करने आए लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है. खासकर महिलाओं को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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