अभिभावक-शिक्षक संवाद से सशक्त होगी विद्यार्थियों की प्रगति

मधेपुरा के बी. पी. मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में बिहार सरकार के निर्देश पर दो दिवसीय शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी आयोजित की गई. इसमें भारी संख्या में जुटे अभिभावकों ने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की और कॉलेज की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया.

मधेपुरा/सिंहेश्वर से सुशांत की रिपोर्ट: विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार के तत्वावधान में बी. पी. मंडल अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज), मधेपुरा में दो दिवसीय शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी (पेरेंट्स-टीचर मीट) का सफल आयोजन किया गया. 16 और 17 मई को आयोजित इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन एवं उनके सर्वांगीण विकास को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच एक सीधा और बेहतर संवाद स्थापित करना था.

संस्थान के शीर्ष नेतृत्व की देखरेख में हुआ मंथन

इस दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के मुख्य संरक्षक सह प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार अमर की देखरेख में किया गया. वहीं, नोडल अधिकारी प्रो. मितेश कुमार ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. डीन अकादमिक डॉ. मनीष कुमार जायसवाल के कुशल दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के लगभग सभी विभागों के प्राध्यापक शामिल हुए.

इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. अजय गिरी, प्रो. अखिलेश कुमार, प्रो. कुनाल कुमार, प्रो. मो. एहतशामुल हक, प्रो. मिथिलेश कुमार, प्रो. निशिकांत कुमार, प्रो. हरे कृष्ण मिश्रा, प्रो. उत्तम कुमार, प्रो. फिरोज अख्तर, प्रो. सुजीत कुमार और प्रो. शोभनाथ राय सहित कई अन्य शिक्षक और तकनीकी स्टाफ उपस्थित रहे.

अभिभावकों ने लिया फीडबैक, छात्रावास की व्यवस्थाओं को सराहा

बैठक में कोसी और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने हिस्सा लिया. शिक्षकों के साथ आमने-सामने बैठकर उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई, क्लास में उपस्थिति (अटेंडेंस), अनुशासन और हालिया परीक्षा परिणामों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की. संवाद के बाद अभिभावकों ने महाविद्यालय परिसर, प्रयोगशालाओं (लैब्स) और छात्र-छात्राओं के छात्रावासों (हॉस्टल्स) का भ्रमण किया. उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल को करीब से देखा और व्यवस्थाओं पर गहरा संतोष व्यक्त किया.

करियर में सफलता के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी: प्रो. उत्तम कुमार

महाविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) सह सहायक प्राध्यापक प्रो. उत्तम कुमार ने संगोष्ठी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

“इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों की सफलता में केवल कॉलेज का माहौल ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. नियमित संवाद, आपसी समन्वय और सही समय पर सही मार्गदर्शन से छात्र डिप्रेशन से दूर रहते हैं और अपने करियर में बेहतर सफलता प्राप्त कर सकते हैं.”

दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम सत्र में कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी उपस्थित अभिभावकों से लिखित और मौखिक फीडबैक (सुझाव पत्र) प्राप्त किए गए, ताकि प्राप्त अनुभवों के आधार पर भविष्य में महाविद्यालय की शैक्षणिक, तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं छात्र-अनुकूल बनाया जा सके.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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