Murliganj Teachers Protest: मधेपुरा. शिक्षकों से विभागीय काम समय पर पूरा कराने के लिए सख्ती होती है, लेकिन उनकी अपनी समस्याओं के समाधान में लगातार देरी क्यों हो रही है? इसी सवाल को लेकर शनिवार को मुरलीगंज बीआरसी में नियोजित शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की प्रखंड इकाई के आह्वान पर आयोजित धरने में शिक्षकों ने विभागीय स्तर पर लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठायी.
धरना-प्रदर्शन के बाद संघ की ओर से बीईओ कार्यालय को छह सूत्री मांग पत्र भी सौंपा गया. शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रखंड स्तर से जिला स्तर तक ले जाया जायेगा.
शिक्षकों ने कहा, काम में देरी पर कार्रवाई तो समस्याओं पर क्यों नहीं समाधान
धरने की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष भूपेंद्र प्रसाद यादव ने की. उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा विभाग के निर्देश पर शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक और अन्य विभागीय कार्यों का समय पर निष्पादन करते हैं. किसी कार्य में देरी होने पर शिक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तक की जाती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय कार्यालयों में बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है. कई मामलों में आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है. उन्होंने इसे शिक्षकों के प्रति विभागीय रवैये में असंतुलन बताया.
बीआरसी में अवैध वसूली बंद कराने की मांग
धरने के दौरान शिक्षकों ने बीआरसी में शिक्षकों से कथित अवैध वसूली बंद कराने की मांग प्रमुखता से उठायी. संघ ने कहा कि शिक्षकों से संबंधित कार्यों को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाना चाहिए और किसी भी तरह की अनधिकृत राशि की मांग नहीं होनी चाहिए.
इसके साथ ही लंबे समय से लंबित शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने की मांग भी की गयी.
विशिष्ट शिक्षकों की सेवा पुस्तिका और वेतन निर्धारण का मुद्दा
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में विशिष्ट शिक्षकों की सेवा पुस्तिका और वेतन निर्धारण प्रपत्र को अविलंब जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना, मधेपुरा के कार्यालय भेजना भी शामिल है.
शिक्षकों का कहना है कि सेवा से जुड़े दस्तावेज और वेतन निर्धारण की प्रक्रिया समय पर पूरी होना जरूरी है. इसमें देरी का सीधा असर शिक्षकों के वेतन और सेवा संबंधी मामलों पर पड़ता है.
प्रोन्नति से वंचित शिक्षकों की समस्या दूर करने की मांग
संघ ने प्रोन्नति से वंचित शिक्षकों की समस्या का भी शीघ्र निदान करने की मांग की. शिक्षकों का कहना है कि पात्र शिक्षकों को नियमानुसार प्रोन्नति का लाभ मिलना चाहिए और इसके लिए विभागीय स्तर पर लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
इसके अलावा मई-जून 2026 के मध्याह्न भोजन वेंडर राशि के भुगतान की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गयी है.
नियोजन इकाई से समन्वय की भी मांग
शिक्षकों ने नियोजन इकाई से समन्वय स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों और नियोजन इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. समन्वय की कमी के कारण कई मामलों में अनावश्यक देरी होती है.
Murliganj Teachers Protest: 29 अगस्त को जिला मुख्यालय में महाधरना की चेतावनी
धरने के दौरान संघ ने आगे के आंदोलन की भी घोषणा कर दी. शिक्षकों ने कहा कि यदि छह सूत्री मांगों पर निर्धारित समय में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 29 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधेपुरा के कार्यालय के समक्ष महाधरना आयोजित किया जायेगा.
इस घोषणा के बाद अब शिक्षा विभाग के सामने शिक्षकों की मांगों के समाधान और आंदोलन को रोकने की चुनौती है. आने वाले दिनों में विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर शिक्षकों की नजर रहेगी.
धरने में प्रखंड सचिव अरविन्द कुमार सिंह, अरविन्द कुमार अमर, दिवाकर कुमार, प्रभा कुमारी, रविन्द्र कुमार, नरेश प्रसाद यादव, दीपक कुमार, अजय कुमार, राजेन्द्र प्रसाद भारती, किशोर कुमार, सुरेश ऋषिदेव, वरुण कुमार, मनोरमा कुमारी, मो. एजाज अख्तर, अब्दुल जब्बार, बीरेन्द्र पायक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे.
