मधेपुरा के ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में मिथिला नवनिर्माण अभियान का किया गया लोकार्पण

मधेपुरा के ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में मिथिला नवनिर्माण अभियान का किया गया लोकार्पण

मधेपुरा. विभिन्न जाति-धर्म और अन्यान्य संकीर्ण श्रेणियों में बंटे हुए मिथिला के समाज को मैथिली भाषा अस्मिता के सहारे एकजुट किया जा सकता है और इसके बाद सामूहिक हित के मुद्दों पर संघर्ष किया जा सकता है. इसी केंद्रीय वैचारिकी के साथ मधेपुरा के ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में जानकी नवमी के अवसर पर मिथिला नवनिर्माण अभियान का लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर अभियान के संयोजक ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ कुमार सौरभ ने अपनी प्रस्तुति में अभियान की वैचारिकी, इसकी आवश्यकता एवं भावी कार्यक्रम पर एक प्रस्तुति दी. प्रस्तुति में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन सहित विभिन्न बुनियादी एवं विकास के मुद्दों पर सामूहिक चेतना का निर्माण कर काम करने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने बताया कि गांव-गांव एवं स्कूली छात्रों तक पहुंच कर विभिन्न मुद्दों पर काम करना अभियान के कार्यक्रम में शामिल है. इसके लिये अधिकाधिक युवाओं के निष्ठा एवं समर्पण की आवश्यकता है. इसी अवसर पर अभियान की वैचारिकी से सहमत संगठनों की भी घोषणा की गयी. विद्यार्थियों के संगठन मिथिला विद्यार्थी अभियान की घोषणा करते हुये इसके संयोजक बीएसएस कॉलेज सुपौल के छात्र सूरज कुमार ने इस की आवश्यकता इसके गठन के प्रयासों व प्राथमिकताओं पर चर्चा की. विश्वविद्यालय के शिक्षकों के संगठन मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक अभियान की घोषणा करते हुये इसके संयोजक विश्वविद्यालय के सीनेटर और बीरपुर कॉलेज के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ सुभाषचंद्र राम ने इस बात पर जोर दिया कि यह संगठन शिक्षकों एवं समाज की समस्याओं को प्रखर तरीके से उठा सकता है. उन्होंने इस नवनिर्मित संगठन को विभिन्न महाविद्यालयों में मिल रही स्वीकृति पर भी प्रसन्नता व्यक्त की. मौके पर अतिथियों का स्वागत करते हुये ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने इस अभियान को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया. चर्चा के दौरान डॉ मिथिलेश कुमार अरिमर्दन, श्री तारानंद झा ‘तरुण’, प्रो विनय कुमार चौधरी, डॉ उपेंद्र प्रसाद यादव, डॉ शिवनाथ साहू, डॉ संजय कुमार वशिष्ठ, अखिल आनंद, कुमार विक्रमादित्य, डॉ गोविंद प्रसाद, किसलय कृष्ण, सतनजीव झा, डॉ धर्मव्रत, डॉ अपर्णा, डॉ रमणकांत चौधरी, डॉ मनोज ठाकुर, डॉ कुमार गौरव, संजीव कुमार सुमन, डॉ मनीषा कुमारी, डॉ अभय कुमार यादव, ज्योति मिश्रा, आकांक्षा, अंकित आदि ने विचार व्यक्त किये. धन्यवाद ज्ञापन बीएसएस कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुजीत कुमार बत्स ने कियाृ कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विश्वविद्यालय की छात्रा गीतांजली मिश्रा ने किया. आयोजन की व्यवस्था को संभालने में टीपी कॉलेज के छात्रों बबलू कुमार, स्टालिन यादव, मणिराज एवं बीएसएस कॉलेज के छात्र नीरज कुमार, अजय कुमार, दीपक कुमार त्रिवेणीगंज से अशफाक, निर्मल्ली कॉलेज से अवनीश एवं डाइट मधेपुरा के पवन कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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