चीनी-गुड़ की बढ़ती कीमत पर कांग्रेस नेता का तंज, बोले- मिठाई का डिब्बा छोटा और बिल बड़ा होगा

त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही चीनी और गुड़ की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कांग्रेस इंटक ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि त्योहारों में अब जेब पर भारी बोझ पड़ेगा और मिठाईयों का स्वाद भी कड़वा हो सकता है.

Madhepura News: त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही चीनी और गुड़ की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के बजट की चिंता बढ़ा दी है. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस इंटक के जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 दिनों में चीनी की कीमत करीब 17 रुपये प्रति किलो और गुड़ की कीमत करीब 40 रुपये प्रति किलो बढ़ गयी है.

संजय कुमार सिंह ने कहा कि चीनी और गुड़ ऐसी चीजें हैं, जिनका इस्तेमाल घरों में रोज होता है. कीमत बढ़ने का असर केवल चाय तक सीमित नहीं है, बल्कि त्योहारों में बनने वाली मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों की लागत पर भी पड़ता है.

चाय में मिठास बढ़ाएं या बचाएं बजट?

कांग्रेस इंटक जिलाध्यक्ष ने बढ़ती कीमतों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अब परिवारों को चाय में चीनी डालने से पहले भी सोचना पड़ेगा कि चाय मीठी करें या घरेलू बजट बचाएं.

उनका कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ता है. रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजों की कीमत बढ़ने से महीने के घरेलू खर्च का हिसाब बिगड़ने लगता है.

15 दिनों में चीनी 17 और गुड़ 40 रुपये महंगा होने का दावा

संजय कुमार सिंह ने बाजार का हवाला देते हुए कहा कि पिछले करीब 15 दिनों में चीनी की कीमत में लगभग 17 रुपये प्रति किलो और गुड़ की कीमत में लगभग 40 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है.

हालांकि, ये कीमत संबंधी आंकड़े उनके द्वारा किये गये दावे हैं. उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान चीनी और गुड़ की मांग बढ़ने के कारण आम उपभोक्ताओं पर इसका और असर पड़ सकता है.

गन्ने और एथेनॉल को कीमतों से जोड़ा

कांग्रेस नेता ने चीनी की कीमतों में तेजी को गन्ने की बढ़ती मांग और एथेनॉल उत्पादन से भी जोड़कर देखा. उनका कहना है कि गन्ने के इस्तेमाल और एथेनॉल उत्पादन से जुड़े बदलावों का असर चीनी की उपलब्धता और कीमत पर पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि किसी भी आर्थिक नीति का आकलन केवल उत्पादन या उद्योग के नजरिये से नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर भी होना चाहिए.

त्योहारों में बढ़ सकती है मिठाई की लागत

त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है. ऐसे में चीनी और गुड़ की कीमतों में तेजी का असर मिठाई की लागत पर भी पड़ने की आशंका है.

संजय कुमार सिंह ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इस बार त्योहारों में मिठाई के डिब्बे छोटे और बिल बड़े होने की स्थिति बन रही है. उनका कहना है कि महंगाई के कारण लोगों को त्योहार मनाने के लिए भी अपने बजट का हिसाब लगाना पड़ रहा है.

Madhepura News: सरकार से कीमतों पर नियंत्रण की मांग

कांग्रेस इंटक जिलाध्यक्ष ने सरकार से आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि त्योहार लोगों के लिए खुशियां और परिवार के साथ मिलकर समय बिताने का अवसर होते हैं, लेकिन लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें इस खुशी पर आर्थिक दबाव डाल रही हैं.

उन्होंने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के सरकारी दावों और बाजार में दिखाई दे रही वास्तविक स्थिति के बीच अंतर नजर आ रहा है. सरकार को आम लोगों की परेशानी को देखते हुए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी और नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

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लेखक के बारे में

By कौनैन वशीर

कौनैन वशीर प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. वर्ष 2001 में अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की. अभी उदाकिशनगंज (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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