सा रे गा मा पा के टॉप 12 में मधेपुरा की श्रद्धा श्री: कुमार सानू और शंकर महादेवन भी हुए मुरीद, जानिए गांव से राष्ट्रीय मंच तक का सफर

मधेपुरा की श्रद्धा श्री ने सा रे गा मा पा के टॉप 12 में जगह बनाकर इतिहास रचा है. उनकी सुरीली आवाज ने कुमार सानू और शंकर महादेवन समेत सभी जजों का दिल जीत लिया है. जानें उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.

Madhepura News: संगीत की दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच 'सा रे गा मा पा' पर बिहार की बेटी ने अपनी सुरीली आवाज का जादू चलाकर इतिहास रच दिया है. मधेपुरा जिले के छोटे से गांव खारा की रहने वाली नवोदित गायिका श्रद्धा श्री ने अपनी अद्भुत गायकी के दम पर शो के अंतिम 12 प्रतिभागियों में जगह बना ली है. रविवार को प्रसारित हुए एपिसोड में श्रद्धा की सुरमई प्रस्तुति देखकर मंच पर मौजूद सुरों के महानायक भी हैरान रह गए. उनकी गायकी ने न केवल जजों का दिल जीता बल्कि पूरे कोसी-मिथिलांचल क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन कर दिया है.

दिग्गज जजों और होस्ट ने बजाईं जमकर तालियां

जब श्रद्धा श्री ने सा रे गा मा पा के मंच पर तान छेड़ी, तो माहौल पूरी तरह संगीतमय हो उठा. शो के जज प्रसिद्ध पार्श्वगायक कुमार सानू, संगीतकार शंकर महादेवन, जावेद अली और गायिका नीति मोहन उनकी सुरीली आवाज के कायल हो गए. वहीं कार्यक्रम के होस्ट अभिनेता श्रेयस तलपड़े और स्टूडियो में मौजूद दर्शक भी लगातार तालियां बजाते नजर आए. दिग्गजों से मिली इस तारीफ ने श्रद्धा के इस संगीतमय सफर को और खास बना दिया है. राष्ट्रीय टेलीविजन पर मधेपुरा की इस बेटी को गाते देख स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.

विरासत में मिला संगीत और मां की लगन ने निखारी प्रतिभा

श्रद्धा श्री की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ पारिवारिक पृष्ठभूमि का भी बड़ा योगदान रहा है. श्रद्धा को संगीत की कला अपने परिवार से विरासत में मिली है. उनके नाना भागवत मिश्र वियोगी बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में प्रसिद्ध गायक रहे हैं. वहीं बिहार की प्रख्यात गायिका रंजना झा उनकी बड़ी मौसी हैं. परिवार के चाचा अमृतराज ठाकुर और निखिल ठाकुर देश-विदेश में स्टेज शो करते हैं, जबकि उनके फूफा गोविंद प्रसन्न सरस्वती भी जाने-माने संगीतकार हैं. कृषि विभाग से सेवानिवृत्त भृगुनंदन ठाकुर की पौत्री और राज कुमार ठाकुर व वंदना ठाकुर की इकलौती संतान श्रद्धा को उनकी मां ने बचपन से तराशा है. दिल्ली के प्रतिष्ठित स्कूल में संगीत शिक्षिका मां वंदना ठाकुर ने अपनी बेटी को संगीत की बारीक शिक्षा दी और उसकी प्रतिभा को निखारा.

सिंगापुर में एल्बम से लेकर आई जीनियस तक मनवाया लोहा

सा रे गा मा पा के मंच पर धमाल मचाने से पहले भी श्रद्धा कई बड़े कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं. बचपन से ही संगीत को अपना लक्ष्य बनाने वाली श्रद्धा ने प्रतिष्ठित 'आइ जीनियस' प्रतियोगिता में शानदार जीत दर्ज की थी. इस सफलता के बाद उन्हें मशहूर संगीतकार सलीम के हाथों सम्मानित होने का अवसर मिला था. इसके साथ ही मिले एक विशेष अनुबंध के तहत उन्होंने सिंगापुर में एक म्यूजिक एल्बम के लिए अपनी आवाज में गानों की रिकॉर्डिंग भी की थी. कम उम्र में मिली इन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय उपलब्धियों ने उनके संगीतमय सफर को नई दिशा दी.

Madhepura News: दिल्ली यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी स्नातक और अब राष्ट्रीय पहचान

पढ़ाई और कला के बीच बेहतरीन संतुलन बनाते हुए श्रद्धा श्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से अंग्रेजी विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है. वर्तमान में वह दिल्ली में रहकर संगीत साधना में लीन हैं और देश के साथ-साथ विदेशों में भी मंचीय प्रस्तुतियां दे रही हैं. सहरसा और मधेपुरा के ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के सबसे बड़े सिंगिंग रियलिटी शो के टॉप 12 में पहुंचना केवल श्रद्धा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है. यह कोसी-मिथिलांचल की हर उस युवा प्रतिभा के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखने की हिम्मत जुटाती है.

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By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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