Madhepura Liquor Smuggling: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर नए-नए रास्तों से कारोबार करने की कोशिश कर रहे हैं. मधेपुरा जिले के शंकरपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 168 लीटर अंग्रेजी शराब की खेप बरामद की है. इस मामले में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो चार पहिया वाहनों को भी जब्त किया गया है. पुलिस की यह कार्रवाई जीतपुर विद्युत पावर हाउस के पास देर रात की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया गया था.
यह मामला सिर्फ शराब बरामदगी का नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि शराब माफिया अब ग्रामीण इलाकों और नहर मार्गों का इस्तेमाल कर तस्करी के नए रास्ते तलाश रहे हैं. इससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं.
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
शंकरपुर थाना अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एमबीसी नहर के रास्ते भारी मात्रा में शराब की खेप लाई जा रही है. इसके बाद पुलिस टीम ने जीतपुर गांव के पास बड़ी नहर के किनारे वाहन जांच अभियान शुरू किया.
रात करीब 12:20 बजे एक कार को रोका गया. उसमें सवार दो लोगों ने अपने नाम मनीष कुमार और मनोज कुमार बताए. पूछताछ के दौरान दोनों की बातों में विरोधाभास मिला. पुलिस को शक हुआ तो गहन पूछताछ की गई. इसके बाद दोनों ने स्वीकार किया कि वे शराब तस्करों के लिए लाइनर का काम कर रहे थे और पीछे से एक टाटा मैजिक वाहन शराब लेकर आ रहा है.
पुलिस ने ऐसे पकड़ी शराब की खेप
पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी. कुछ देर बाद एक टाटा मैजिक मालवाहक वाहन वहां पहुंचा. पुलिस को देखते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया.
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक तिरपाल से ढंके कार्टन मिले. जांच में कुल 380 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी मात्रा 168 लीटर निकली. इसके बाद वाहन में सवार राजेश कुमार और संजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
दो वाहन भी जब्त, कई सवाल भी खड़े
पुलिस ने शराब ढोने में इस्तेमाल टाटा मैजिक वाहन संख्या BR43GB2841 और लाइनर के रूप में उपयोग की जा रही सुजुकी फ्रॉन्क्स कार संख्या BR11BU6479 को जब्त कर लिया है.
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शराबबंदी वाले राज्य में आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खेप कहां से आ रही है और किन रास्तों से गांवों तक पहुंच रही है. पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है और जांच जारी है.
Madhepura Liquor Smuggling:स्थानीय लोगों पर क्या असर
ग्रामीण क्षेत्रों में शराब तस्करी बढ़ने से युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है. साथ ही अपराध और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं में भी वृद्धि हो सकती है. पुलिस की यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि शराब तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.
