Madhepura News: मधेपुरा में आरोपित की गिरफ्तारी के लिए देर रात एक घर पहुंची पुलिस टीम पर अब गंभीर आरोप लगे हैं. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 स्थित तेलडीहा गांव में पुलिस पर घर में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है.
मामले में संतोष यादव की पत्नी सपना देवी ने उदाकिशुनगंज थाना में पदस्थापित चार एसआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और डीआईजी को लिखित आवेदन दिया है. महिला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है.
हालांकि, लगाए गये आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत सामने आने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
गिरफ्तारी के लिए रात करीब 1:30 बजे घर पहुंची थी पुलिस
सपना देवी के अनुसार, उनके पति संतोष यादव के खिलाफ न्यायालय से जमानत का बंध पत्र खंडित होने के बाद आलमनगर थाना क्षेत्र के एक मामले में एनबीडब्ल्यू जारी हुआ था.
इसी मामले में पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए 27 अगस्त की देर रात करीब 1:30 बजे तेलडीहा गांव स्थित घर पहुंची थी.
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उदाकिशुनगंज थाना में पदस्थापित एसआई निकेत कुमार मंडल, गौरव कुमार, महितोष कुमार और नरेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने घर को चारों ओर से घेर लिया.
इसके बाद कथित तौर पर घर में प्रवेश करने के लिए लगे टाट के पर्दे को तोड़ दिया गया.
पूजा घर के गेट और पलंग को क्षतिग्रस्त करने का आरोप
सपना देवी ने पुलिस अधिकारियों को दिये आवेदन में आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने घर में प्रवेश करने के बाद पूजा घर का गेट और पलंग भी क्षतिग्रस्त कर दिया.
महिला के मुताबिक पुलिस टीम उनके पति को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी. इसी दौरान घर के अंदर कथित तौर पर तोड़फोड़ की गयी.
शिकायतकर्ता ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है.
बहू के कमरे का गेट तोड़कर अंदर जाने का भी दावा
महिला ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी बहू के कमरे का गेट भी तोड़ दिया और अंदर प्रवेश किया.
शिकायत के मुताबिक उस समय गर्मी के कारण उनकी बहू कमरे में सो रही थी. अचानक पुलिसकर्मियों के पहुंचने से वह घबरा गयी और वहां से भागकर छिप गयी.
इस आरोप की जांच के लिए महिला ने CCTV फुटेज खंगालने की मांग की है.
उनका कहना है कि पड़ोसी के घर के दरवाजे पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. यदि घटना के समय की रिकॉर्डिंग की जांच की जाये तो पुलिस टीम की गतिविधियों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिल सकती है.
थाना बुलाकर पांच हजार रुपये मांगने का भी आरोप
शिकायत में सपना देवी ने एक और गंभीर आरोप लगाया है.
उनके अनुसार, घटना वाले दिन शाम करीब 4:50 बजे एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें फोन कर थाना बुलाया था. इसके बाद वह अपने पति के साथ थाना पहुंची थीं.
महिला का आरोप है कि एसआई निकेत कुमार मंडल ने उन्हें थाना के समीप एक चाय की दुकान पर बैठाया और पांच हजार रुपये की मांग की.
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने रुपये देने में असमर्थता जतायी और वहां से वापस लौट गयीं.
महिला ने सवाल उठाया है कि यदि उनके पति के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी का आदेश था और वे शाम में स्वयं पति के साथ थाना पहुंच गये थे, तो उस समय उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गयी.
उनका आरोप है कि इसके बाद देर रात पुलिस टीम घर पहुंची और कथित तौर पर तोड़फोड़ की.
बेटे के साथ मारपीट और कार क्षतिग्रस्त करने का आरोप
सपना देवी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके पुत्र विकास कुमार के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की.
उन्होंने घर के बाहर खड़ी कार को बंदूक के कुंदे से मारकर क्षतिग्रस्त करने का आरोप भी लगाया है.
महिला के अनुसार, कार का बोनट क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने जब कार को नुकसान पहुंचाने से रोकने का प्रयास किया तो एसआई नरेश कुमार पर उनका गला दबाने का आरोप लगाया है.
सपना देवी का दावा है कि गला दबाने के निशान अभी भी मौजूद हैं.
इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
घटना के तुरंत बाद एसडीपीओ को फोन करने का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना की रात करीब 2:19 बजे उन्होंने मोबाइल फोन से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी.
महिला का कहना है कि इसके बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से उन्होंने बाद में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और डीआईजी को लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की.
अब मामले में CCTV फुटेज, शिकायत में लगाए गये आरोप और पुलिस की कार्रवाई की परिस्थितियां जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं.
Madhepura News: मामला सामने आया तो होगी जांच
इस मामले में प्रभारी एसडीपीओ आशीष राज ने कहा कि इस तरह के शिकायत आवेदन की जानकारी फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है.
उन्होंने कहा कि मामला सामने आने पर इसकी जांच करायी जायेगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायत में लगाये गये आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और CCTV फुटेज समेत अन्य तथ्यों से घटना की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है.
फिलहाल पुलिस टीम पर लगे आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है.
