मधेपुरा. पार्वती साइंस कॉलेज के संगीत विभाग में शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी. इसके बाद केक काटकर शिक्षक दिवस की खुशियां साझा की गयीं.
विभागाध्यक्ष ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो रीता कुमारी ने की. मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ पवन कुमार मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और उपस्थित लोगों ने डॉ राधाकृष्णन के व्यक्तित्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया.
शिक्षक समाज निर्माण में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका
प्राचार्य प्रो डॉ पवन कुमार ने डॉ राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. शिक्षकों का दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और मानवीय मूल्यों से जोड़ना भी है.
शिक्षा के साथ संस्कार पर दिया जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम होती है. शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं का विकास करना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है. डॉ राधाकृष्णन के विचारों और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया गया.
कॉलेज के अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
मौके पर अर्थपाल अशोक पोद्दार, परीक्षा नियंत्रक ललन कुमार, शारीरिक शिक्षक भानु कुमार सहित संगीत विभाग के शिक्षक और अन्य कर्मी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान सभी ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं.
