मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट
Madhepura News : कोशी क्षेत्र में इन दिनों आई फ्लू यानी कंजक्टिवाइटिस के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है. सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आंखों में लालपन, जलन, खुजली और पानी आने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि दूसरे राज्यों से लौटने वाले लोगों में संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, जिसके कारण यह बीमारी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल रही है.
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
कोशी क्षेत्र के अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से आई फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव, बढ़ी हुई नमी और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से संक्रमण तेजी से फैल रहा है. कई मामलों में एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद पूरे परिवार में लक्षण दिखाई दे रहे हैं.
कैसे पहचानें आई फ्लू के लक्षण?
डॉक्टरों के अनुसार आंखों का लाल होना, लगातार पानी आना, जलन, खुजली, सूजन और रोशनी से परेशानी आई फ्लू के सामान्य लक्षण हैं. कुछ मरीजों में आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलने और सुबह आंखें चिपक जाने की शिकायत भी देखी जा रही है. संक्रमण बढ़ने पर आंखों में दर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
डॉक्टरों ने बताई बचाव की सबसे जरूरी बातें
विशेषज्ञों का कहना है कि आई फ्लू एक संक्रामक संक्रमण है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है. संक्रमित व्यक्ति के तौलिया, रूमाल, तकिया या अन्य व्यक्तिगत सामान का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. आंखों को बार-बार छूने से बचना चाहिए और हाथों की नियमित सफाई जरूरी है. डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी प्रकार की आई ड्रॉप का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन यदि आंखों में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग भी लोगों से सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की अपील कर रहा है.
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