छह महीने तक दुनिया से कट जाता है पुरैनी वासा, नाव और चचरी के सहारे गुजर रही जिंदगी

मधेपुरा के पुरैनी वासा गांव में आजादी के 79 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. बरसात के मौसम में छह महीने तक यह गांव दुनिया से कट जाता है, जहाँ नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन है. पुल निर्माण के वादे अक्सर चुनाव के बाद भुला दिए जाते हैं.

Madhepura News: मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड की वासनवाड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत पुरैनी वासा गांव में आजादी के 79 वर्ष बाद भी हजारों ग्रामीण बुनियादी संपर्क सुविधा से वंचित हैं. बरसात के मौसम में यह गांव लगभग छह महीने तक जिला और प्रखंड मुख्यालय से कट जाता है और लोगों के लिए नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन बन जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर चुनाव में पुल निर्माण का वादा किया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद यह इलाका फिर उपेक्षा का शिकार हो जाता है.

बरसात में कट जाता है गांव का संपर्क

ग्रामीणों के अनुसार पुरैनी वासा का संपर्क मार्ग बारिश के दौरान पूरी तरह बाधित हो जाता है.

लोगों को बांस की चचरी और नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ती है. यही रास्ता स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और दैनिक कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन जाता है.

नाव से स्कूल जाते हैं बच्चे

स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव के बच्चे प्रतिदिन नाव के माध्यम से विद्यालय पहुंचते हैं.

बरसात के दिनों में यह यात्रा जोखिम भरी हो जाती है. ग्रामीणों का दावा है कि नदी पार करने के दौरान पहले भी कई बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है, जिससे अभिभावकों में लगातार भय का माहौल बना रहता है.

"हर चुनाव में वादा, फिर भूल जाते हैं जनप्रतिनिधि"

ग्रामीणों का कहना है कि पटना और दिल्ली में रहने वाले जनप्रतिनिधि चुनाव के समय पुल निर्माण और सड़क सुविधा का वादा करते हैं, लेकिन बाद में कोई ठोस पहल नहीं होती.

उनका आरोप है कि वर्षों से यह मांग लंबित है और गांव की मूलभूत समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया है.

अतिपिछड़ा इलाका, लेकिन बुनियादी सुविधा नहीं

ग्रामीणों के अनुसार पुरैनी वासा एक अतिपिछड़ा और सुदूर इलाका है, जहां बड़ी आबादी रहती है.

इसके बावजूद यहां पुल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव है. लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है.

Madhepura News: पुल निर्माण की उठी मांग

पुरैनी ग्राम पंचायत के मुखिया विनोद काम्बली निषाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने यथाशीघ्र पुल निर्माण की मांग की है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल का निर्माण हो जाए, तो गांव का प्रखंड और जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क स्थापित होगा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा बदलाव आएगा.

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं और अब सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं.

पुरेनी वासा के नाव के सहारे आवागमन करते | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By ब्रजेश कुमार

ब्रजेश कुमार प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. आलमनगर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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