Cyber Fraud: उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत बुधामा पंचायत के साधुपुर गांव निवासी गोबिंद कुमार ने बिहार ग्रामीण बैंक की खाड़ा शाखा से जुड़े ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) के माध्यम से खाता खुलवाया था. उनका आरोप है कि खाता खुलने के बाद उन्हें कोई बैंकिंग दस्तावेज नहीं मिला, लेकिन बाद में उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से करीब 16 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हो गया. पीड़ित ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
खाता खुला, लेकिन नहीं मिली पासबुक और एटीएम
गोबिंद कुमार ने बताया कि मार्च-अप्रैल 2026 में उन्होंने बुधामा स्थित ग्राहक सेवा केंद्र पर नया बैंक खाता खुलवाने के लिए आवेदन दिया था. आवश्यक दस्तावेज और हस्ताक्षर लेने के बाद उन्हें न पासबुक दी गई और न ही एटीएम कार्ड. इसके बाद वह रोजगार के सिलसिले में बाहर चले गए.
बैंक प्रबंधक ने घर पहुंचकर दी जानकारी
पीड़ित के अनुसार मई 2026 में बैंक के शाखा प्रबंधक स्वयं उनके घर पहुंचे और बताया कि उनके खाते से भारी मात्रा में संदिग्ध लेनदेन हुआ है. यह सुनकर वह हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने कभी खाते का उपयोग ही नहीं किया था.
फर्जी व्यक्ति ने बनवाया एटीएम, खाते से हुआ लेनदेन
ग्राहक सेवा केंद्र संचालक विनोद कुमार के अनुसार गोबिंद कुमार के आवेदन के बाद कोई दूसरा व्यक्ति स्वयं को गोबिंद कुमार बताकर बिहार ग्रामीण बैंक की खाड़ा शाखा पहुंचा और एटीएम कार्ड प्राप्त कर लिया. इसके बाद उसी खाते से एक महीने के भीतर यूपीआई के माध्यम से करीब 16 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया.
सीसीटीवी जांच से खुल सकता है पूरा मामला
Cyber Fraud: पीड़ित ने बैंक, साइबर थाना मधेपुरा और साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेल पटना को दिए आवेदन में बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि वास्तविक खाताधारक और फर्जी व्यक्ति की पहचान फुटेज से स्पष्ट हो सकती है.
एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
गोबिंद कुमार का कहना है कि शिकायत दर्ज कराए हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी दोषी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने और समझौता करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है.
बैंक अधिकारियों ने क्या कहा
बिहार ग्रामीण बैंक खाड़ा शाखा के शाखा प्रबंधक दमन कुमार झा ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर वरीय अधिकारी ही जानकारी देंगे. वहीं क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार ने बताया कि ग्राहक सेवा केंद्र के सत्यापन के आधार पर एटीएम कार्ड जारी किया गया था. उन्होंने कहा कि संबंधित बीसी के खिलाफ बैंक स्तर पर कार्रवाई की गई है तथा पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच जरूरी है.
लोगों में बढ़ी बैंकिंग सुरक्षा को लेकर चिंता
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में बैंकिंग सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि यदि बिना वास्तविक खाताधारक की मौजूदगी के एटीएम जारी हो सकता है और लाखों रुपये का लेनदेन संभव है, तो आम ग्राहकों की जमा पूंजी भी सुरक्षित नहीं मानी जा सकती. ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
