Road Crisis : शहर इन दिनों अपनी जर्जर सड़कों और गहरे गड्ढों को लेकर चर्चा में है. नगर परिषद क्षेत्र के नए बस स्टैंड, स्टेशन रोड, कर्पूरी चौक समेत कई प्रमुख मार्गों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हर दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं. बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे बाइक चालक और पैदल राहगीर सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. चारपहिया वाहनों को भी इन सड़कों पर हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है. हर साल योजनाओं और बजट की घोषणा तो होती है, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिखता. लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और संबंधित विभाग जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहते हैं, जबकि आम जनता को बदहाल सड़कों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. लगातार हो रहे हादसों के बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
व्यापार, शिक्षा और रोज़गार पर पड़ रहा असर
खराब सड़कों का असर शहर के कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. व्यवसायियों का कहना है कि बारिश के दिनों में दुकानों के सामने जलजमाव हो जाता है, जिससे ग्राहक आने से बचते हैं और बिक्री प्रभावित होती है. वहीं स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को जाम और गड्ढों के कारण समय पर संस्थान पहुंचने में परेशानी होती है. अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं. दूसरी ओर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि खराब सड़कें उनके वाहनों की मरम्मत का खर्च बढ़ा रही हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है.
जलजमाव से बढ़ा बीमारी का खतरा, लोग चाहते हैं स्थायी समाधान
बरसात के कारण सड़कों पर बने गड्ढों में पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है. इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है. स्वास्थ्य विभाग लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर की प्रमुख सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
