मधेपुरा. नौ माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म किये जाने के एक आठ साल पुराने मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश छह अमित कुमार पाण्डेय की विशेष कोर्ट ने एक अभियुक्त को दोषी करार देते आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं अभियुक्त को 50 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी. मामले के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार मेहता ने बताया कि मुरलीगंज थाना क्षेत्र के जयरामपुर निवासी सुजीत कुमार (21 वर्ष) 15 मई 2018 को एक नौ माह की बच्ची को उसके घर से यू ही घुमाने के लिए उसे बाहर ले गया. एक घंटे के बाद सुनील कुमार मंडल उस बच्ची को रोते हुए हालत में उसकी मां के पास छोड़कर भागा़ बच्ची की मां ने देखा बच्ची रो रही थी और उसके पेशाब के रास्ते से खून बह रहा था. बच्ची की मां ने हो हल्ला कर सुनील को उसके घर से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने पीड़ित बच्ची के पिता के फर्द बयान पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म का केस दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दिया. पोक्सो के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि आठ साल पुराने केस में एडीजे अमित कुमार पाण्डेय ने अंतिम सुनवाई के बाद अभियुक्त सुनील कुमार मंडल को दुष्कर्म का दोषी करार देते आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है़
नौ माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म किये जाने के मामले में आजीवन कारावास
नौ माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म किये जाने के मामले में आजीवन कारावास
