Kumar Khand Health Meeting: कुमारखंड. गांव और टोले-मोहल्लों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को अब बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सर्वे को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है. कुमारखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में बचे हुए सर्वे का काम पूरा करने के साथ लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और बीमारियों के प्रति जागरूक करने को कहा.
सीएचसी सभागार में दोपहर 3 बजे तक चली बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वरुण कुमार ने की. बैठक में बीसीएम मनोज सिंह सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं.
बच्चों और गर्भवती महिलाओं का सर्वे जल्द पूरा करने का निर्देश
बैठक में बीसीएम मनोज सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बचे हुए सर्वे को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.
स्वास्थ्य विभाग का जोर ऐसे परिवारों तक पहुंचने पर है, जहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है. सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित लाभुकों तक स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.
आशा कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्र में सक्रिय रहकर पात्र लोगों की पहचान करें और उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ें.
लगातार खांसी को नजरअंदाज न करें, टीबी की जांच कराएं
बैठक में टीबी को लेकर भी आशा कार्यकर्ताओं को विशेष जानकारी दी गयी. बीसीएम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी रहती है या खांसी के साथ मुंह से खून आता है, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाए.
ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी को कई बार सामान्य बीमारी मानकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को समय पर जांच कराने के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गयी है.
आयरन सिरप से लेकर जिंक गोली तक की जानकारी
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को कई जरूरी स्वास्थ्य विषयों की जानकारी दी गयी. इनमें आयरन सिरप की खुराक, कृमि की दवा और जिंक गोली से संबंधित जानकारी प्रमुख रही.
आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र में बच्चों और परिवारों को इन स्वास्थ्य सेवाओं की उपयोगिता के बारे में जानकारी दें और जरूरत के अनुसार उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें.
परिवार नियोजन और बीमारियों को लेकर भी जागरूकता
बैठक में परिवार नियोजन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई. आशा कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और परिवार नियोजन के विकल्पों के बारे में जागरूक करें.
इसके अलावा गैस संचारी रोग और अन्य बीमारियों से बचाव को लेकर भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गांवों में बीमारी के लक्षणों की समय पर पहचान और जरूरत पड़ने पर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना है.
Kumar Khand Health Meeting: सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने पर जोर
बीसीएम मनोज सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को सरकार की ओर से मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दें. सिर्फ जानकारी देने के बजाय पात्र लोगों को इन सेवाओं का लाभ दिलाने में भी सहयोग करें.
ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं. ऐसे में उन्हें योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंच सके.
बैठक में डीईओ मो. मुजाहिद आलम, रेखा कुमारी, प्रियंका कुमारी, सुलेखा कुमारी समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं.
