Madhepura News: कोसी और सीमांचल की लोक संस्कृति, परंपरा और सामूहिक उत्साह का प्रतीक माना जाने वाला 'खुर्दा महोत्सव' एक बार फिर अपनी पुरानी रंगत और भव्यता के साथ लौटने को तैयार है. वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले इस प्रसिद्ध लोक उत्सव को भव्य, ऐतिहासिक और यादगार बनाने की सुगबुगाहट अभी से ही तेज हो गई है. रविवार की देर शाम पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के पैतृक गांव खुर्दा स्थित उनके आवास पर मेला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में गांव के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर महोत्सव को नए रंग-रूप और भव्य पैमाने पर आयोजित करने का संकल्प लिया.
सांसद के पैतृक आवास पर जुटा गांव, तैयारियों पर हुआ मंथन
मेला समिति की यह विशेष बैठक कमेटी के अध्यक्ष श्याम नंदन प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई. सांसद पप्पू यादव के पैतृक आवास परिसर में हुई इस बैठक के दौरान वर्ष 2026 में होने वाले आयोजन के हर एक पहलू पर बारीकी से चर्चा की गई. महोत्सव की तिथि, सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन, दूर-दराज से आने वाले कलाकारों के स्वागत, जनसुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मेला परिसर में दुकानों के आवंटन की रूपरेखा तैयार करने पर घंटों मंथन चला. स्थानीय लोगों के अनुसार यह आयोजन केवल एक मेला या उत्सव भर नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा संगम है.
आपसी समन्वय और जनभागीदारी से महोत्सव को मिलेगी नई ऊंचाई
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से इस बात पर जोर दिया गया कि इतने बड़े और व्यापक स्तर के आयोजन को बिना अनुशासन और आपसी तालमेल के सफल नहीं बनाया जा सकता. मेला कमेटी के सचिव सह संयोजक विनोद कुमार ने समिति के सभी सदस्यों से जिम्मेदारी बांटकर काम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि खुर्दा महोत्सव में हर साल हजारों की संख्या में आसपास के जिलों से दर्शक और श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में बिजली, पेयजल, पार्किंग, प्राथमिक चिकित्सा और आवागमन जैसे व्यवस्थागत मुद्दों पर समय रहते काम शुरू करना बेहद जरूरी है. बैठक में तय हुआ कि सभी सदस्य आपसी समन्वय स्थापित कर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे.
स्थानीय प्रभाव, सांस्कृतिक पहचान और जनजीवन पर असर
खुर्दा महोत्सव का स्थानीय जनजीवन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी काफी गहरा प्रभाव पड़ता है. इस आयोजन के दौरान क्षेत्र के छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, हस्तशिल्पकारों और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच और आर्थिक संबल मिलता है. इसके साथ ही नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक परंपराओं और पौराणिक धरोहरों से रूबरू होने का अवसर प्राप्त होता है. बैठक में मौजूद पूर्व मुखिया अरविंद कुमार यादव समेत अन्य गणमान्य लोगों ने कहा कि खुर्दा की धरती हमेशा से ही आतिथ्य सत्कार और सांस्कृतिक जीवंतता के लिए जानी जाती है. इस बार का आयोजन अतीत के सभी रिकॉर्ड तोड़कर नया इतिहास रचेगा.
Madhepura News: समिति के सदस्यों की मुस्तैदी और भावी रणनीति
आयोजन को हर हाल में सफल बनाने के लिए समिति के सभी प्रमुख सदस्य पूरी तरह से समर्पित और मुस्तैद नजर आए. बैठक में सुशील कुमार यादव, पूर्व मुखिया अरविंद कुमार यादव, मोहम्मद अर्श आलम, रतन देव यादव, गौरव कुमार आनंद, राहुल कुमार, मंटू सिंह, नवीन कुमार, दुख मोचन पासवान, लक्ष्मण यादव, नूर आलम, मनोज यादव, रवि रंजन, देवदास, रमन यादव, जयप्रकाश मंडल, रामानंद तात्मा, अशोक यादव, प्रमोद राम, पवन कुमार यादव, मोहम्मद इलियास और श्याम कुमार सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे. सभी सदस्यों ने एक स्वर में आयोजन को शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक बनाने की प्रतिबद्धता जताई. आने वाले दिनों में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सिलसिलेवार बैठकों का दौर जारी रहेगा.
