कई माह से बनकर तैयार कस्तूरबा विद्यालय का मॉडल भवन, अब तक नहीं हुआ उद्घाटन

निर्माण एजेंसी द्वारा तय समय सीमा के भीतर भवन निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया था

-वर्ष 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं, विभागीय उदासीनता से छात्राओं की पढ़ाई पर संकट- उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित एसबीजेएस खेल मैदान के समीप लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मॉडल आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भवन पिछले छह माह से बनकर तैयार है, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है. उद्घाटन के अभाव में यह भवन उपयोग से बाहर पड़ा हुआ है, जिससे सरकारी योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है और छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. मिली जानकारी के अनुसार सरकार की योजना के तहत दलित, महादलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग की छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रखंड स्तर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित किए जाते हैं. इन्हीं विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल भवन का निर्माण कराया गया था, ताकि कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्था मिल सके. -समय पर हैंडओवर हो गया था भवन- बताया जाता है कि निर्माण एजेंसी द्वारा तय समय सीमा के भीतर भवन निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया था और इसे विद्यालय प्रशासन को हैंडओवर भी कर दिया गया है. इसके बावजूद अब तक भवन का उद्घाटन नहीं हो सका है. परिणामस्वरूप नया भवन उपयोग में नहीं आ पा रहा है और लाखों-करोड़ों की लागत से बनी यह संरचना उपेक्षा का शिकार बनती जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन के रखरखाव और देखरेख के अभाव में इसकी स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है. यदि जल्द ही उद्घाटन नहीं किया गया तो भवन की गुणवत्ता और सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है. -आठवीं की छात्रा के लिए होगा संकट- उदाकिशुनगंज के कस्तूरबा विद्यालय के संचालक कुमार संजय प्रताप ने बताया कि विद्यालय के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री की खरीद के लिए विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है और अधिकांश सामग्री उपलब्ध भी करा दी गई है. इसके बावजूद विभागीय उदासीनता के कारण अब तक भवन का उद्घाटन नहीं हो पाया है. उन्होंने यह भी बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अभी तक कक्षा नौ में नामांकन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है. यदि जल्द ही इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो कक्षा आठ उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं के सामने आगे की पढ़ाई का संकट खड़ा हो सकता है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द मॉडल भवन का उद्घाटन कर इसे छात्राओं के लिए चालू किया जाए, ताकि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ वास्तविक रूप से छात्राओं तक पहुंच सके और उनकी पढ़ाई बाधित न हो.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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