मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड कार्यालय परिसर की दूसरी मंजिल पर शनिवार को साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस दौरान अंचल प्रशासन और स्थानीय पुलिस के वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से आम जनता की समस्याएं सुनीं. जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, रास्ते की रुकावट, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और राजस्व से जुड़े पांच मामले सुनवाई के लिए पहुंचे, जिनमें से एक मामले का दोनों पक्षों की सहमति और साक्ष्यों के आधार पर मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया.
पांच मामले पहुंचे, एक का ऑन-द-स्पॉट समाधान
प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर जनता दरबार में पहुंचे.
अंचलाधिकारी (CO) देवकृष्ण कामत ने एक-एक कर सभी फरियादियों के आवेदन देखे और उनकी दलीलें सुनीं. जनता दरबार में कुल 5 मामले दर्ज किए गए:
- निष्पादित मामला: एक मामले में दोनों पक्षों के कागजातों की मौके पर जांच की गई और आपसी सहमति बनाकर समस्या का तत्काल समाधान कर दिया गया.
- लंबित मामले: शेष 4 मामलों में भूमि की प्रकृति और विवाद की जटिलता को देखते हुए संबंधित राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अमीन को स्थल निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया.
पुलिस से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच का भरोसा
जनता दरबार में मौजूद ग्वालपाड़ा थाना के एएसआई मनोज कुमार ने पुलिस प्रशासन से संबंधित भूमि विवाद और शांति व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई की.
उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और पुलिस टीम मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच के बाद विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.
नियमानुसार समाधान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
अंचलाधिकारी देवकृष्ण कामत ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर भूमि विवादों और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान निकालना है. उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में आए सभी आवेदनों की जांच प्राथमिकता के आधार पर पूरी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.
