Inflation Protest In Udakishunganj: उदाकिशुनगंज, मधेपुरा. चीनी से लेकर चावल-दाल, सरसों तेल से लेकर रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर लोगों की बढ़ती चिंता अब राजनीतिक विरोध का मुद्दा बनती दिख रही है. रविवार को उदाकिशुनगंज के कॉलेज चौक पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जरूरी खाद्य पदार्थों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर निम्न और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है. उनका आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है और सरकार आम लोगों की परेशानियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है.
चीनी, तेल और रसोई गैस की कीमतों का उठाया मुद्दा
पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि महंगाई ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है. उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार कीमतों को नियंत्रित करने में विफल साबित हो रही है.
उन्होंने चीनी, चायपत्ती, चावल, दाल, गुड़, सरसों तेल, रिफाइंड तेल, मसाले, अंडा, चिकन, ड्राई फ्रूट्स और रसोई गैस समेत कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र किया. उनका कहना था कि इन वस्तुओं के महंगे होने का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी आय सीमित है.
प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमत बढ़ने से परिवारों को अपने खर्च में कटौती करनी पड़ रही है. उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण पर भी उठाये सवाल
भाकपा नेताओं ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर भी सवाल उठाया. प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि गन्ना, चावल और मक्का जैसे उत्पादों से एथेनॉल तैयार किया जा रहा है. उन्होंने आशंका जतायी कि खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल ईंधन उत्पादन में बढ़ने से भविष्य में खाद्य उपलब्धता पर असर पड़ सकता है.
भाकपा नेताओं ने इस मुद्दे को किसानों और आम उपभोक्ताओं दोनों से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार की मांग की.
कच्चे तेल की कीमतों का हवाला देकर सरकार को घेरा
भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अधिक होने के बावजूद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम होने के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को जनविरोधी बताते हुए बदलाव की जरूरत पर जोर दिया.
खाद की कीमत और किल्लत पर भी जतायी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान सिर्फ घरेलू जरूरतों की महंगाई ही नहीं, बल्कि किसानों से जुड़े मुद्दे भी उठाये गये. भाकपा नेताओं ने खाद की कीमत बढ़ने, इसकी किल्लत और कथित कालाबाजारी पर नाराजगी जतायी.
राज्य परिषद सदस्य उमाकांत सिंह ने खाद्य पदार्थों की बढ़ी कीमतें वापस लेने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. वहीं सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने चीनी की बढ़ती कीमत और किसानों को गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिलने का मुद्दा उठाया.
उन्होंने कहा कि यदि बाजार में कालाबाजारी या जमाखोरी के कारण कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है, तो प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने महंगाई बढ़ने के कारणों पर सरकार से जवाब देने की मांग की.
एक सितंबर की दिल्ली रैली में जुटने का आह्वान
भाकपा नेताओं ने महंगाई के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही. प्रमोद प्रभाकर ने लोगों से आगामी एक सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली भाकपा की ‘बदलाव जरूरी है’ रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया.
नेताओं का कहना था कि महंगाई, रोजगार, किसानों की समस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक आंदोलन की जरूरत है. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की.
Inflation Protest In Udakishunganj: कॉलेज चौक पर जुटे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता
पुतला दहन कार्यक्रम में भाकपा नेता अनिल भारती, वीरेंद्र नारायण सिंह, मुकुंद प्रसाद यादव, अरुण कुमार तांती, अंबिका मंडल, जगत नारायण शर्मा, शंभू क्रांति, उमाशंकर मुन्ना, जयप्रकाश महतो, मनोज राम, अजीत शर्मा, दीपक कुमार, सच्चिदानंद शर्मा, शंभू पासवान, दिनेश सादा, प्रवीण कुमार मंडल, राजकिशोर राम, दिवाकर कुमार राम, राहुल यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे.
महंगाई के मुद्दे पर आयोजित इस प्रदर्शन से साफ है कि स्थानीय स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन और कृषि इनपुट की कीमतें अब राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन रही हैं. आने वाले दिनों में भाकपा की ओर से आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी.
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