खान-पान में बरतें सावधानी, तबीयत बिगड़ने पर लें डॉक्टर से सलाह मधेपुरा. मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. जिले में उमस भरी गर्मी और लू के कारण बीमारी तेजी से पांव पसार रही हैं. स्थिति यह है कि शहर से लेकर गांव तक लगभग हर घर में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में हैं. सदर अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है. सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखा जा रहा है, जो उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. इमरजेंसी में बढ़े मरीज, डायरिया का प्रकोप बुधवार को सदर अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया और उल्टी-दस्त से पीड़ित आठ नए मरीज भर्ती कराये गये. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 4 से 5 डायरिया के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं. गर्मी और दूषित खान-पान संक्रामक रोगों के मुख्य कारण बन रहे हैं. अस्पताल में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक : उपाधीक्षक सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सचिन कुमार ने बताया कि बदलते मौसम के कारण ओपीडी और इमरजेंसी में बुखार, डायरिया और उल्टी के मरीज बढ़े हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में दवाओं की कोई किल्लत नहीं है. मरीजों को आवश्यक दवाएं और चिकित्सीय परामर्श मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है. वार्डों में भर्ती मरीजों की नियमित राउंड के जरिए निगरानी की जा रही है.
गर्मी के कारण अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
गर्मी के कारण अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
