Madhepura News: मधेपुरा स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के शैक्षणिक परिसर में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय अंतर-महाविद्यालय क्विज प्रतियोगिता में एक बड़ा उलटफेर और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला. उदाकिशुनगंज के हरिहर साहा (एचएस) कॉलेज के होनहार विद्यार्थियों ने ज्ञान और बुद्धिमत्ता के इस महासमर में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए पहला स्थान हासिल किया है. कई बड़े और नामचीन कॉलेजों के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए एचएस कॉलेज की टीम ने जब पहली पोजीशन पर कब्जा जमाया, तो पूरे उदाकिशुनगंज और कॉलेज परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई. इस शानदार जीत ने साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादों के बल पर ग्रामीण व अनुमंडलीय क्षेत्रों के युवा भी बड़े मंचों पर अपनी सफलता का परचम फहरा सकते हैं.
दिग्गज कॉलेजों को पछाड़कर क्विज में लहराया परचम
विश्वविद्यालय स्तरीय इस प्रतियोगिता में मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक था. एचएस कॉलेज की टीम के सामने एमएलटी कॉलेज सहरसा, बीएसएस कॉलेज सुपौल, पार्वती साइंस कॉलेज मधेपुरा, टीपी कॉलेज मधेपुरा और आरएम कॉलेज सहरसा जैसी मजबूत और स्थापित टीमें मैदान में थीं. हालांकि, एचएस कॉलेज के मेधावी छात्रों ने अपने सटीक जवाबों और त्वरित बुद्धिमत्ता से सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया. इस विजेता टीम में पंचम सेमेस्टर इतिहास विभाग के छात्र छोटू कुमार, गौरव कुमार और दीपक कुमार शामिल थे. इन तीनों छात्रों ने हर राउंड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और फाइनल में प्रथम स्थान हासिल कर अपने संस्थान का नाम पूरे विश्वविद्यालय में रोशन कर दिया.
ऑडियो-विजुअल और लिखित राउंड में ज्ञान की कठिन परीक्षा
प्रतियोगिता का स्वरूप काफी व्यापक और चुनौतीपूर्ण रखा गया था. प्रतिभागियों की वास्तविक प्रतिभा और विषय ज्ञान को परखने के लिए लिखित परीक्षा के साथ-साथ ऑडियो और विजुअल राउंड भी आयोजित किए गए थे. इसमें सामान्य ज्ञान के साथ-साथ इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीवविज्ञान और समसामयिक घटनाओं (करंट अफेयर्स) से जुड़े जटिल सवाल पूछे गए थे. हर कठिन सवाल का आत्मविश्वास के साथ जवाब देते हुए एचएस कॉलेज के छात्रों ने स्कोरबोर्ड पर लगातार बढ़त बनाए रखी और अंत में ऐतिहासिक जीत दर्ज की.
एआई पर आधारित वाद-विवाद प्रतियोगिता में भी दिखाया दम
क्विज में ऐतिहासिक सफलता दर्ज करने के साथ-साथ हरिहर साहा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने वाद-विवाद (डिबेट) प्रतियोगिता में भी अपनी वाक्पटुता का लोहा मनवाया और तीसरा स्थान हासिल किया. वाद-विवाद का विषय बेहद समसामयिक था - 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मानव सभ्यता की प्रगति के लिए एक निर्णायक शक्ति है'. इस गंभीर विषय के पक्ष में षष्ठम सेमेस्टर हिंदी की छात्रा उर्वशी कुमारी ने तर्कपूर्ण विचार रखे, वहीं विपक्ष में पंचम सेमेस्टर दर्शनशास्त्र के छात्र श्रवण कुमार ने एआई के खतरों और सीमाओं पर धारदार दलीलें पेश कीं. दोनों विद्यार्थियों के शानदार बौद्धिक प्रदर्शन को निर्णायकों और दर्शकों ने खूब सराहा.
Madhepura News: मार्गदर्शन, सम्मान और सफलता का महाउत्सव
विद्यार्थियों की इस दोहरी सफलता के पीछे महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. जवाहर पासवान के कुशल नेतृत्व और क्रीड़ा पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार का समर्पित मार्गदर्शन रहा. डॉ. अरुण कुमार ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की हर बारीकी के लिए तैयार किया था. सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. जवाहर पासवान ने विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई दी और घोषणा की कि विश्वविद्यालय में कॉलेज का मान बढ़ाने वाले इन होनहारों को महाविद्यालय स्तर पर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा.
एमएचएम कॉलेज सोनवर्षा के डॉ. संजीव कुमार द्वारा संचालित इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद के निदेशक प्रो. डॉ. अबुल फजल, उपनिदेशक डॉ. जैनेन्द्र कुमार, मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. दीपक कुमार गुप्ता, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. मयंक भार्गव, डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. अनिल कुमार, प्रियरंजन और भानु सहित कई गणमान्य अतिथियों ने सफल प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया.
