Madhepura News: मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन शनिवार को अचानक गम्हरिया प्रखंड पहुंचे. उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मॉडल स्कूल तक की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान कहीं दवाओं की उपलब्धता और मरीजों की सुविधाओं पर जोर दिया गया, तो कहीं छात्राओं की पढ़ाई, स्मार्ट क्लास, साइंस लैब और पुस्तकालय को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये.
डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों में केवल संसाधन उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है. उनका नियमित और प्रभावी इस्तेमाल भी सुनिश्चित होना चाहिए. स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा और स्कूल में छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिलना प्रशासन की प्राथमिकता है.
अस्पताल में एक्स-रे से दवा भंडार तक की जांच
जिलाधिकारी ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया का निरीक्षण किया. उन्होंने एक्स-रे कक्ष, ओपीडी, ईसीजी कक्ष, दवा कक्ष और दवा भंडार का जायजा लिया.
इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली. दवाओं की उपलब्धता और उनके रखरखाव को लेकर भी जानकारी ली गयी.
डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल में जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए. दवाओं का सही तरीके से भंडारण भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को परेशानी न हो.
मरीजों के लिए साफ-सफाई और भोजन पर जोर
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल और भोजन व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया.
जिलाधिकारी ने कहा कि वार्डों में नियमित सफाई होनी चाहिए. मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ पेयजल मिले और भर्ती मरीजों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए.
उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाला हर मरीज बेहतर और सुरक्षित माहौल का हकदार है. मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए.
मॉडल स्कूल में स्मार्ट क्लास और साइंस लैब देखी
स्वास्थ्य केंद्र के बाद जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या निकेतन, मॉडल स्कूल उत्क्रमित भीखा कन्या +2 विद्यालय परवाहा का औचक निरीक्षण किया.
उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षा-कक्ष, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला और पुस्तकालय का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति के साथ पढ़ाई की स्थिति और आधारभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली गयी.
डीएम ने कहा कि स्कूल में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि छात्राओं के शैक्षणिक हित में नियमित रूप से होना चाहिए.
स्मार्ट क्लास और लैब रोज चलाने का निर्देश
जिलाधिकारी ने स्मार्ट क्लास और साइंस लैब को नियमित रूप से क्रियाशील रखने का निर्देश दिया. उन्होंने छात्राओं को प्रयोग आधारित शिक्षा देने पर जोर दिया.
उनका कहना था कि आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल कक्षा में पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी और रुचिकर बनाने के लिए किया जाना चाहिए. इससे छात्राओं को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय विषय को प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा.
पुस्तकालय में बढ़ेंगी किताबें, पढ़ने की आदत पर जोर
पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किताबों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया. साथ ही छात्राओं में नियमित रूप से किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. पुस्तकालय का प्रभावी इस्तेमाल छात्राओं के ज्ञान और भाषा कौशल को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
हर सप्ताह होगा छात्राओं का टेस्ट
कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्राओं के शैक्षणिक स्तर की भी जानकारी ली. उन्होंने छात्राओं की प्रगति को लगातार जांचने के लिए हर विषय में साप्ताहिक टेस्ट अनिवार्य रूप से लेने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि नियमित मूल्यांकन से यह पता चलेगा कि कौन-सी छात्रा किस विषय में बेहतर कर रही है और किन छात्राओं को अतिरिक्त मदद की जरूरत है. कमजोर विषयों की पहचान के बाद शिक्षकों को उस दिशा में विशेष ध्यान देने को कहा गया.
Madhepura News: सफाई और अनुशासन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश
डीएम ने विद्यालय परिसर के साथ कक्षा-कक्ष और शौचालयों में रोजाना गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण जरूरी है. प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को नियमित उपस्थिति, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया.
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
