गंदे पानी के निकास का कोई साधन न होने से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है. जलजमाव की इस विकराल समस्या के कारण चमचमाती सड़कें समय से पहले ही टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो रही हैं, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से अविलंब नाला निर्माण कराने की मांग की है.
बाजार के इन चार प्रमुख स्थलों पर स्थिति सबसे ज्यादा विकराल
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूरे प्रखंड क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. मुख्य रूप से चार ऐसे स्थल हैं जहां हल्की सी बारिश होते ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है. इनमें गम्हरिया बाजार स्थित पासी टोला के समीप, होंडा शोरूम के पास, भागवत चौक पर, तथा बभनी पंचायत के लिटियाही-बैजनाथपुर सड़क पर पुराने स्टेट बैंक के समीप की स्थिति सबसे बदतर हो चुकी है. इन जगहों पर सड़कों पर कई दिनों तक गंदा पानी जमा रहता है.
गंदे पानी के छीटों से रोज हो रहे विवाद, उखड़ रही है सड़क की पिच
सड़कों पर जलजमाव होने के कारण अब सामाजिक स्तर पर भी विवाद बढ़ने लगे हैं. स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि जब भी कोई बस, टेम्पो या अन्य तेज रफ्तार वाहन इस गंदे पानी के बीच से गुजरता है, तो कीचड़ और दूषित पानी उड़कर सीधे राहगीरों और आसपास की दुकानों पर पड़ जाता है. इस वजह से आए दिन वाहन चालकों और आम लोगों के बीच तीखी बहस और झगड़े की नौबत आ जाती है. इसके अलावा, लंबे समय तक जलजमाव रहने के कारण सड़क की पिच उखड़ रही है, जिससे राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
प्रशासन से नाला निर्माण कर स्थायी समाधान की मांग
जलजमाव की वजह से बाजार का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है और गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है. क्षेत्र के व्यापारियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इन प्रमुख प्रभावित स्थलों का त्वरित निरीक्षण किया जाए. लोगों का कहना है कि जब तक यहां वैज्ञानिक तरीके से नाले का निर्माण कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक इस गंभीर समस्या से मुक्ति मिलना नामुमकिन है.
