चौसा. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चौसा पूर्वी पंचायत के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मनियां में बच्चों को मिड-डे-मील में मेन्यू के हिसाब से खाना नहीं दिये जाने का मामला सामने आया है. इसको लेकर बच्चे व अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक शहनवाज आलम से शिकायत की.मामला उस वक्त तूल पकड़ लिया जब टोला सेवक/शिक्षा सेवक को टीकाकरण के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीनियां में टैंग किया गया है. उक्त सूची जिला से निर्गत विद्यालय का नाम उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय लक्ष्मीनियां अंकित कर दिया गया, जबकि विद्यालय का नाम उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीनियां होता. इस बात को लेकर ग्रामीण जब विद्यालय पहुंचे, तो विद्यालय की व्यवस्था को देखकर हैरान रह गए. ग्रामीण चंदन भगत, मंटु कुमार चौधरी, पंकज रजक, अरूण चौधरी, गौरव कुमार चौधरी ने बताया कि विद्यालयों में बच्चों को मेन्यू के हिसाब से खाना नहीं दिया जा रहा है, जबकि गुरुवार को चावल, दाल, हरी सब्जी था. लेकिन बच्चे को अधपका कच्चा चावल व दाल में ही मिश्रित हरी हल्का सब्जी मिलकर बच्चों को खिलाया जाता था. इधर, मुखिया प्रतिनिधि मदन मंडल ने बताया कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं आते हैं. साफ-सफाई का नहीं रहता है और बच्चे को मध्याह्न भोजन सही तरीके से नहीं दिया जाता है. इधर, प्रधानाध्यापक शहनवाज आलम ने कहा कि विभाग से चावल भेजा जाता है और जो भी खाना खिलाया जाता है वह मीनू के हिसाब से दिया जाता है. जबकि विद्यालय का नाम बदलने का लेकर मामला आया है. लेटर पैड पर लिखकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेज दिया गया है. उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि जिला से पत्र निर्गत में गलती हुई है.
मीनू के हिसाब से बच्चों को नहीं मिल रहा है भोजन, अभिभावकों ने सुधार की मांग की
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