MADHEPURA : चलती बाइक पर चक्की, गांव-गांव पहुंच रहा ताज़ा सत्तू
शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका का एक अनोखा और सराहनीय मॉडल सामने आया है. एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर चक्की मशीन लगाकर गांव-गांव घूमते हुए लोगों के लिए मौके पर ही ताज़ा सत्तू पीसकर उपलब्ध करा रहा है.
मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट :
शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका का एक अनोखा और सराहनीय मॉडल सामने आया है, जहां एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर चक्की मशीन लगाकर गांव-गांव घूमते हुए लोगों के लिए मौके पर ही ताज़ा सत्तू पीसकर उपलब्ध करा रहा है. बाइक के पीछे मजबूती से फिट की गई चक्की, साथ में अनाज रखने के बोरे और जरूरी उपकरण—सब कुछ इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि वह किसी भी गांव या टोले में रुककर तुरंत सेवा दे सके.
ग्रामीणों से शहरी के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है . पहले जहां सत्तू पिसवाने के लिए लोगों को दूर बाजार या स्थायी चक्की तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सेवा सीधे उनके दरवाजे तक पहुंच रही है . इससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है . खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के लिए यह पहल बेहद लाभकारी साबित हो रही है, जिन्हें अब अपने काम छोड़कर अलग से चक्की तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती. इस मोबाइल चक्की सेवा की सबसे बड़ी खासियत है इसकी तुरंत उपलब्धता और ताजगी. लोग अपने सामने ही अनाज पिसवाकर सत्तू उपलब्ध करवाया जाता है.