किसानों को खाद के लिए नहीं लगानी होगी लंबी कतार, FFS ऐप से पहले बुक करें, फिर क्यूआर कोड दिखाकर लें

अब मधेपुरा के किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. FFS ऐप के माध्यम से वे आसानी से अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक बुक कर सकेंगे. बुकिंग के बाद क्यूआर कोड मिलेगा, जिससे अधिकृत विक्रेता से पीओएस मशीन पर खाद प्राप्त होगी.

मधेपुरा : किसानों को उर्वरक की सुगम और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कृषि कार्यालय, मधेपुरा में खुदरा उर्वरक विक्रेताओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया. इसमें एफएफएस (Framework for Fertilizer Sale) ऐप के माध्यम से उर्वरक बुकिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसान अब एफएफएस ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे. बुकिंग के बाद किसान को क्यूआर कोड और बुकिंग से संबंधित विवरण प्राप्त होगा. इसके आधार पर वह संबंधित अधिकृत विक्रेता से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.

क्यूआर कोड से पीओएस मशीन पर होगी बिक्री

अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुन्दन कुमार ने एफएफएस ऐप से उर्वरक बुकिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से पीओएस मशीन पर उर्वरक बिक्री की पूरी प्रक्रिया समझायी. उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता आयेगी और किसानों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी.

बिचौलियों से उर्वरक खरीदने से बचें

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही उर्वरक की बुकिंग करने की सलाह दी गयी. किसानों से बिचौलियों के माध्यम से उर्वरक खरीदने से बचने की अपील की गयी. कृषि विभाग के अनुसार, ऐप आधारित व्यवस्था से किसानों को उर्वरक खरीदने में सुविधा होगी और वितरण प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी.

तीन दिनों तक मान्य रहेगा क्यूआर कोड

बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को क्यूआर कोड के साथ टोकन नंबर या बुकिंग आईडी प्राप्त होगी. बिहार में लागू व्यवस्था के अनुसार क्यूआर कोड तीन दिनों तक मान्य रहेगा. इस अवधि के भीतर किसान चयनित अधिकृत विक्रेता से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.

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लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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