कृषि विभाग की ओर से किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत अनुदान का लाभ दिया जा रहा है. योजना के तहत किसान अनुदानित दर पर कृषि यंत्र खरीद सकेंगे. इसके साथ ही ग्राम स्तर पर कृषि यंत्र बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर, स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किये जायेंगे.
236 करोड़ 58 लाख रुपये की योजना को मंजूरी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी अंशुली प्रिया ने बताया कि चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के लिए 236 करोड़ 58 लाख रुपये की योजना के कार्यान्वयन, निकासी और व्यय की स्वीकृति दी गयी है.
86 तरह के कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत किसानों को खेत की जुताई, बुआई, निकाई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई, फसल ढुलाई और उद्यान से संबंधित कुल 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जायेगा. इससे किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने में आर्थिक सहायता मिलेगी.
8 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
कृषि यंत्रों की खरीद के लिए इच्छुक किसानों से 8 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. किसान कृषि विभाग की वेबसाइट और ओएफएमएस पोर्टल के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार आवेदन कर सकते हैं. अनुदानित दर पर कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों को सूचीबद्ध विक्रेताओं से ही यंत्र खरीदना होगा.
लॉटरी से होगा किसानों का चयन
निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा. लॉटरी की तिथि को ही चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र जारी किया जायेगा. स्वीकृति पत्र की वैधता 15 दिनों की होगी. इस अवधि में कृषि यंत्र की खरीद नहीं करने पर स्वीकृति पत्र स्वतः रद्द हो जायेगा.
अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों को भी लाभ
योजना के तहत जिले में आवंटित राशि का कम से कम 18 प्रतिशत अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए निर्धारित किया गया है. इन किसानों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति के समतुल्य अनुदान का लाभ दिया जायेगा.
पहले पूरी कीमत का करना होगा भुगतान
योजना के तहत कृषि यंत्र खरीदने वाले किसानों को यंत्र की पूरी कीमत का भुगतान करना होगा. इसके बाद योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान का लाभ दिया जायेगा.
