समाज को मानसिक रूप से बीमार बना रहा नशा

नशा एक अभिशाप है. यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है.

कुमारखंड. नशा एक अभिशाप है. यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है. इसके बावजूद नशे के लिए समाज में शराब, गांजा, भांग, अफीम, जर्दा, गुटखा, तंबाकू व धूमपान, चरस, स्मैक, ब्राउन शूगर जैसे घातक मादक दवाओं व पदार्थो का उपयोग किया जा रहा है. बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग व विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. इस अभिशाप से समय रहते मुक्ति पाने में ही मानव समाज की भलाई है. उक्त बातें प्रखंड राजद अध्यक्ष अरुण कुमार ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चर्चा करते हुए कहा. उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिक व सामाजिक कार्यकर्ता को मादक पदार्थो के बढ़ते चलन को रोकने के लिए सामने आने की बात कही. समाज के हर तबके को आगे आना होगा.

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By Kumar Ashish

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