समाज को मानसिक रूप से बीमार बना रहा नशा

नशा एक अभिशाप है. यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है.

कुमारखंड. नशा एक अभिशाप है. यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है. इसके बावजूद नशे के लिए समाज में शराब, गांजा, भांग, अफीम, जर्दा, गुटखा, तंबाकू व धूमपान, चरस, स्मैक, ब्राउन शूगर जैसे घातक मादक दवाओं व पदार्थो का उपयोग किया जा रहा है. बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग व विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. इस अभिशाप से समय रहते मुक्ति पाने में ही मानव समाज की भलाई है. उक्त बातें प्रखंड राजद अध्यक्ष अरुण कुमार ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चर्चा करते हुए कहा. उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिक व सामाजिक कार्यकर्ता को मादक पदार्थो के बढ़ते चलन को रोकने के लिए सामने आने की बात कही. समाज के हर तबके को आगे आना होगा.

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Published by: Kumar ashish

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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