मधेपुरा: DM अभिषेक रंजन ने की PMAY-G की समीक्षा; 1 सप्ताह में NPCI सत्यापन कर पहली किस्त भुगतान और 18,078 लंबित आवास पूरा कराने का सख्त निर्देश

मधेपुरा जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश जारी किए हैं. पात्र लाभुकों को समय पर पहली किस्त मिले और जिले के 18,078 लंबित आवास जल्द पूरे हों, इस पर जोर दिया गया है.

मधेपुरा समाहरणालय में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की विस्तृत समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान डीएम ने सभी पात्र लाभुकों को समय पर योजना का वित्तीय लाभ पहुंचाने और जिले में लंबित पड़े आवासों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. समीक्षा में पाया गया कि जिले में स्वीकृत कुल 29,130 आवासों में से सैकड़ों लाभुकों का बैंक व एनपीसीआई सत्यापन न होने से पहली किस्त अटकी हुई है, जिस पर डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDOs) को एक सप्ताह के भीतर सत्यापन कार्य पूरा कर राशि ट्रांसफर करने को कहा है.

मधेपुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का ताजा आंकड़ा

समीक्षा बैठक के दौरान योजना से जुड़े प्रमुख आंकड़े सामने आए:

  • कुल स्वीकृत आवास: जिले भर में कुल 29,130 आवासों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है.
  • किस्त भुगतान में अड़चन: 826 लाभुकों का एफटीओ (FTO) वेरिफिकेशन और 494 लाभुकों का बैंक खाता/NPCI सत्यापन लंबित होने से उन्हें पहली किस्त नहीं मिल पाई है.
  • 18,078 आवास लंबित: जिले में निर्माण पूर्णता के स्तर पर कुल 18,078 आवास अभी भी लंबित हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाना है.

1 सप्ताह का अल्टीमेटम: BDOs को NPCI सत्यापन पूरा करने का आदेश

जिलाधिकारी ने बैंक खातों और आधार-सीडिंग से जुड़े मामलों पर कड़ा रुख अपनाया:

  • एक सप्ताह की समयसीमा: सभी प्रखंडों के बीडीओ को निर्देश दिया गया कि 494 लंबित लाभुकों का एनपीसीआई सत्यापन बैंक समन्वयकों से संपर्क कर 7 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कराएं.
  • पारदर्शी भुगतान: एफटीओ जेनरेशन में किसी भी प्रकार की देरी न हो, ताकि पात्र गरीबों के बैंक खातों में पहली किस्त की राशि सीधे पहुंच सके.

पहली किस्त लेने के बाद भी 6,121 लाभुकों ने नहीं शुरू किया काम

समीक्षा में सामने आया कि जिले के 27,585 लाभुकों को पहली किस्त की राशि भेजी जा चुकी है:

  • जियो-टैगिंग न होना चिंताजनक: 6,121 ऐसे लाभुक हैं जिन्होंने खाते में पैसा आने के बावजूद अब तक नींव की खुदाई या निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है, जिसके चलते उनका पहला जियो-टैगिंग नहीं हो सका है.
  • आवास कर्मियों की टीम गठित करने का निर्देश: डीएम ने निर्देश दिया कि ग्रामीण आवास सहायकों और पर्यवेक्षकों की विशेष टीम बनाकर ऐसे लाभुकों के घर-घर जाएं, उन्हें प्रेरित करें और अविलंब निर्माण कार्य शुरू करवाकर जियो-टैगिंग कराएं.

निर्माण से पूर्णता तक नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

डीएम अभिषेक रंजन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास योजनाओं में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी:

  • नियमित मॉनिटरिंग: पहली किस्त के भुगतान से लेकर लिंटेल, छत ढलाई और अंतिम किस्त के भुगतान तक हर चरण की प्रभावी निगरानी की जाए.
  • समय पर पक्का मकान: प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान के अधिकार से वंचित न रहे और तय मानकों के अनुसार जिले के सभी 18,078 लंबित आवासों को जल्द से जल्द पूरा कर गृह प्रवेश कराया जाए.


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लेखक के बारे में

By राजकुमार

राजकुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. किशनगंज में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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