मधेपुरा समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे आम नागरिकों ने सीधे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याओं और शिकायतों से जुड़े कुल 10 आवेदन प्रस्तुत किए. डीएम ने सभी फरियादियों की बातों को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना तथा मौके पर ही संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए.
आवेदनों की त्वरित सुनवाई और समयसीमा निर्धारण
जनसुनवाई में भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व और स्थानीय विकास से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई:
- 10 आवेदनों पर सुनवाई: विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने 10 अलग-अलग मामलों में डीएम से न्याय की गुहार लगाई.
- पारदर्शी और निष्पक्ष निष्पादन: डीएम अभिषेक रंजन ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का निष्पादन तय समयसीमा के भीतर पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से किया जाए, ताकि पीड़ितों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें.
सुशासन और त्वरित संवाद का माध्यम है जनसुनवाई: डीएम
जिलाधिकारी ने प्रशासनिक कार्यशैली और जनता के प्रति जवाबदेही को रेखांकित करते हुए कहा:
- प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद: जनसुनवाई प्रशासन और आमजन के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम है. इससे जमीनी समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर समाधान की ठोस रूपरेखा तैयार होती है.
- जनकल्याण सर्वोपरि: जिला प्रशासन पूरी तरह से सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ कार्य कर रहा है. किसी भी नागरिक की जायज समस्या की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अधिकारियों को सख्त चेतावनी: सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें मामले
डीएम ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी:
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई: जनसुनवाई के माध्यम से भेजे गए मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
