Singheshwar Shivganga Rescue: सिंहेश्वर (मधेपुरा). देवाधिदेव महादेव मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा पोखर में स्नान के दौरान डूब रहे दो सगे भाइयों को स्थानीय गोताखोरों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया. दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज कर खतरे से बाहर बताया.
स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबे दोनों भाई
जानकारी के अनुसार शिवगंगा पोखर के उत्तरी हिस्से में चार-पांच बच्चे स्नान कर रहे थे. इसी दौरान दो सगे भाई अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. साथ में मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
स्थानीय गोताखोरों ने दिखायी बहादुरी
हल्ला सुनते ही निषाद राज नौका विहार के स्थानीय गोताखोर गौरीपुर वार्ड संख्या-11 निवासी सनोज कुमार और बादल कुमार बिना देर किए शिवगंगा पोखर में कूद गए. दोनों ने पानी की गहराई में बच्चों की तलाश शुरू की. कुछ ही देर में 11 वर्षीय मो. अफान को बाहर निकाल लिया गया और तत्काल सीपीआर देकर उसकी सांसें सामान्य की गयी.
दूसरे बच्चे को अचेत अवस्था में निकाला
इसके बाद गोताखोरों ने काफी देर तक खोजबीन कर छोटे भाई मो. सहबान को भी पानी से बाहर निकाला. उस समय वह पूरी तरह अचेत था. गोताखोरों ने लगातार सीपीआर और मुंह से कृत्रिम श्वास देकर उसे होश में लाने का प्रयास किया. हल्की सांस लौटने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने इलाज कर उसकी जान बचा ली.
परिजन बच्चों की तलाश में थे परेशान
झिटकिया वार्ड संख्या-6 निवासी बच्चों के परिजन रकीब उर्फ पप्पू ने बताया कि दोनों बच्चे घर से बिना किसी को बताए पड़ोस के अन्य बच्चों के साथ टोटो से सिंहेश्वर चले गए थे. काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे. इसी दौरान शिवगंगा में दो बच्चों के डूबने की सूचना मिली, जिसके बाद वे घटनास्थल पहुंचे.
गोताखोरों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
Singheshwar Shivganga Rescue: स्थानीय लोगों ने दोनों गोताखोरों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण दो मासूम बच्चों की जान बच सकी. लोगों ने प्रशासन से ऐसे प्रशिक्षित गोताखोरों को आवश्यक संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की मांग की.
