मधेपुरा. बाबा सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने 108 फीट के भव्य कांवर के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया. श्रद्धालुओं का जत्था 22 अगस्त की देर रात महादेवपुर घाट पहुंचा था. 23 अगस्त की सुबह गंगा स्नान के बाद कांवर यात्रा शुरू हुई. यात्रा में कई डीजे और भजन मंडलियां भी शामिल थीं.
कड़वा स्कूल और चौसा में हुआ विश्राम
कांवर यात्रा के दौरान 27 अगस्त को दिन में नवगछिया के कड़वा स्कूल में विश्राम किया गया, जबकि रात में श्रद्धालुओं का जत्था चौसा पहुंचा. यहां बोल बम सेवा समिति की ओर से कांवरियों के ठहरने, गर्म पानी, पेयजल, चाय और स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई. सर्वेश्वर सेवा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की.
विधानसभा उपाध्यक्ष ने बढ़ाया कांवरियों का हौसला
चौसा में बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव भी पहुंचे. उन्होंने कांवरियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और कहा कि यह आस्था का महासंगम है. भगवान शिव सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी करें. उन्होंने कांवरियों के साथ भोजन भी किया.
ग्रामीणों ने जगह-जगह की सेवा
कांवर यात्रा के दौरान रास्ते में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के लिए चाय, नाश्ता, शरबत और फल की व्यवस्था की. जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर कांवरियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं. श्रद्धालुओं ने ग्रामीणों के इस सेवा भाव की सराहना की.
आलमनगर सीमा में पुलिस ने संभाली सुरक्षा
आलमनगर सीमा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. थानाध्यक्ष कुलवंत कुमार, दारोगा गुड़िया कुमारी, कमलेश कुमार और पुलिस बल के जवानों ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली. पुलिस की निगरानी में कांवरियों का जत्था आगे बढ़ता रहा.
जयकारों से गूंजता रहा पूरा प्रखंड
कांवर यात्रा थाना चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, मुख्य बाजार, बायपास और बीआरसी चौक होते हुए बाबा सर्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंची. रास्ते भर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा प्रखंड भक्तिमय बना रहा. मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया और यात्रा संपन्न हुई.
नवयुवक संघ के युवाओं ने निभाई अहम भूमिका
पूरे आयोजन को सफल बनाने में नवयुवक संघ के सैकड़ों युवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. युवाओं ने कांवरियों की सेवा, यात्रा व्यवस्था और अन्य तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाई. आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया गया.
