विद्यालय भवन तोड़कर सामान घर ले जाने का आरोप
विद्यालय भवन तोड़कर सामान घर ले जाने का आरोप
आलमनगर, मधेपुरा
प्रखंड मुख्यालय स्थित टेन प्लस टू विज्या स्मारक प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय का पुराना भवन वर्षों से विद्यालय की ऐतिहासिक और शैक्षिक धरोहर रहा है. यह भवन लगभग दो हजार वर्ग फीट में फैला हुआ था जो विद्यालय के संचालन एवं छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता था. हालांकि, यह भवन अब धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खो रहा था और उसकी मरम्मत एवं रख-रखाव की जरूरत भी महसूस हो रही थी. इस बीच विद्यालय के पुराने भवन को लेकर एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है. मजदूर दिवस पर जब विद्यालय बंद था, उसी दिन पुराना भवन तोड़ने का काम शुरू किया गया. मजदूरों ने भवन के कुछ हिस्सों को तोड़ते हुये उसकी ईंटें निकालने एवं खिड़कियों, गेट को उखाड़ने का प्रयास किया. यह कार्य उस समय हुआ जब विद्यालय में कोई कर्मचारी या प्रबंधन का अधिकारी मौजूद नहीं थे. शनिवार की सुबह जब विद्यालय खुला और विद्यालय के शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्वर राय विद्यालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पुराने भवन को तोड़ने का कार्य चल रहा है. उन्होंने तुरंत ही इस कार्य का विरोध किया और तत्काल काम को रोकने का आदेश दिया. शिकायत जिला पदाधिकारी से करने की गात कही. शिक्षा समिति अध्यक्ष का आरोप है कि वर्ष 2024 में ही, 17 दिसंबर को जिला शिक्षाधिकारी मो सईद अंसारी द्वारा इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भवन की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे. उस समय, विद्यालय के पुराने भवन से डेढ़ दर्जन खिड़कियों और आधे दर्जन लकड़ी के दरवाजों को तोड़कर उन्हें विद्यालय से घर ले जाने का मामला सामने आया था. इसके बावजूद आज तक न तो इस भवन का नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई है और न ही उसकी संपत्ति का सही ढंग से संरक्षण किया गया है.
शिक्षा समिति के अध्यक्ष का आरोप है कि प्रधानाध्यापक प्रभारी प्रवीण राम द्वारा भवन की संपत्ति को अवैध रूप से घर ले जाया जा रहा है. यह कार्य नियम विरुद्ध है. विद्यालय में मौजूद पुरानी ईंटों, खिड़कियों एवं गेट का अवैध रूप से कटान किया जाना न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह विद्यालय की ऐतिहासिक धरोहर का भी नुकसान है. विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों एवं शिक्षा समिति के सदस्यों का कहना है कि इस तरह से बिना अनुमति और नियम का उल्लंघन कर भवन का विध्वंस करना न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है. सभी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग किया है.