Madhepura News: कुमारखंड (मधेपुरा). सुरसर नदी के सुखासन घाट स्थित पुल के पाए के समीप जलकुंभी में फंसे मृत पशुओं से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. कई दिनों से मृत पशु नदी में सड़ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.
जलकुंभी में फंसे हैं मृत पशु
स्थानीय लोगों के अनुसार सुरसर नदी में अत्यधिक जलकुंभी फैल जाने के कारण बहकर आए मृत पशु पुल के नीचे फंस गए हैं. समय पर उन्हें नहीं हटाए जाने से दुर्गंध लगातार बढ़ रही है और स्थिति गंभीर होती जा रही है.
श्रद्धालुओं और राहगीरों को हो रही परेशानी
सावन माह में सुखासन घाट के समीप स्थित शिव मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. लेकिन दुर्गंध के कारण मंदिर परिसर का वातावरण प्रभावित हो गया है. वहीं पुल से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को भी बदबू के बीच रहना पड़ रहा है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पंचायत की उपमुखिया विमला देवी एवं जदयू पंचायत अध्यक्ष सुबंधु दास ने बताया कि कई दिन पहले संबंधित अधिकारियों को इस समस्या की सूचना दी गई थी, लेकिन अब तक किसी विभाग ने कार्रवाई नहीं की. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है.
दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित
शिव मंदिर के पुजारी तथा स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि दुर्गंध के कारण लोगों की आवाजाही कम हो गई है. ग्रामीण मनीष कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, फुलेश्वर रजक, छेदी मंडल, दीपक सिंह तथा दुकानदार राजेश कुमार ने कहा कि ग्राहकों की संख्या घटने से व्यापार पर भी असर पड़ रहा है.
संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका
Madhepura News: पूर्व मुखिया कुसुम लाल रजक एवं उपमुखिया विमला देवी ने आशंका जताई कि यदि जल्द मृत पशुओं को नहीं हटाया गया तो क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल मृत पशुओं को हटाने, जलकुंभी की सफाई कराने तथा घाट की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
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