मधेपुरा : घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए निर्माण लागत बढ़ना परेशानी का कारण बन गया है. मौरंग, बालू, सीमेंट और गिट्टी के दाम में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही मजदूर और राजमिस्त्री की मजदूरी भी बढ़ गयी है. कारोबारियों के अनुसार, अगले माह तक सीमेंट के दाम में और बढ़ोतरी के संकेत हैं. हालांकि, सरिया की कीमत में करीब चार रुपये प्रति किलो तक की कमी आयी है.
पिछले एक सप्ताह में मौरंग की कीमत 53 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति घन फुट तक पहुंच गयी है. वहीं सीमेंट की 50 किलो की बोरी के दाम में 10 से 15 रुपये तक की वृद्धि हुई है. कारोबारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने और बाजार में मांग के अनुसार निर्माण सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है.
टाइल्स और अन्य सामग्री भी हुई महंगी
कारोबारी सूरज कुमार ने बताया कि अलग-अलग कंपनियों की टाइल्स की कीमत में 10 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. पाइप और फिनिशिंग कार्य का खर्च भी करीब 10 प्रतिशत बढ़ गया है. मजदूरी बढ़ने से मकान निर्माण की कुल लागत पर भी असर पड़ा है.
वहीं सरिया की कीमत में कमी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है. सरिया कारोबारी रमेश गुप्ता ने बताया कि पहले 60 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला सरिया अब करीब 56 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है.
मकान निर्माण की लागत 20 प्रतिशत तक बढ़ी
भवन निर्माण से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, निर्माण सामग्री और मजदूरी महंगी होने से मकान बनाने की लागत करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गयी है. पहले जिस छोटे मकान के निर्माण में 12 से 13 लाख रुपये खर्च होते थे, अब उसी के लिए करीब 15 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है. इसी तरह 30 लाख रुपये में बनने वाला मकान अब 32 से 36 लाख रुपये तक पहुंच रहा है.
खुदरा निर्माण सामग्री की वर्तमान दर
| निर्माण सामग्री | वर्तमान कीमत |
| ईंट | 13,500 से 14,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर |
| मोटा बालू | 4,500 से 5,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर |
| मोटी गिट्टी | 9,000 से 9,200 रुपये प्रति ट्रैक्टर |
| सीमेंट | 370 से 450 रुपये प्रति बोरी |
| सरिया | 5,600 से 6,100 रुपये प्रति क्विंटल |
| मजदूर | 550 से 600 रुपये प्रतिदिन |
| राजमिस्त्री | 800 से 950 रुपये प्रतिदिन |
कारोबारियों का कहना है कि निर्माण सामग्री के दाम स्थायी नहीं होते. बाजार में मांग कम होने पर कीमतों में कमी भी आ सकती है. फिलहाल निर्माण सामग्री और मजदूरी की बढ़ी कीमतों ने मकान बनाने की तैयारी कर रहे लोगों का बजट बिगाड़ दिया है.
