मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट :
समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को जिला समन्वयक एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता मधेपुरा सांसद दिनेश चन्द्र यादव ने की. बैठक में सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत, जिलाधिकारी अभिषेक रंजन सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद थे. बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. विभागवार समीक्षा करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति का सूक्ष्म आकलन किया गया तथा उनके प्रभावी संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. साथ ही आगामी योजनाओं की रूपरेखा पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, ताकि जिले के समग्र एवं संतुलित विकास को गति मिल सके. पूर्व बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का भी बिंदुवार मूल्यांकन किया गया. समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में संतोषजनक प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया, जबकि कुछ योजनाओं में हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की रखीं समस्याएं
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं जन-अपेक्षाओं को प्रमुखता से रखा. इस पर अध्यक्ष ने सभी संबंधित विभागों को त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. विशेष रूप से आधारभूत संरचना, सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था एवं जनसेवा से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया, ताकि आम लोगों को प्रत्यक्ष एवं त्वरित लाभ मिल सके.
सांसद ने दिये नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश
सांसद दिनेश चन्द्र यादव ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर आमजन तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाये. कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे तथा प्रशासनिक जवाबदेही के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये. उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने का निर्देश दिया.
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयास से ही जिले के समग्र, संतुलित एवं सतत विकास को नई दिशा दी जा सकती है. दिशा समिति की यह बैठक विकास योजनाओं की निगरानी और जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.