मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले को करीब एक माह बीत चुका है. मामले के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया था. जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग को सिविल सर्जन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए आरोप पत्र प्रपत्र क गठित कर संसूचित किया गया. इसके बावजूद अब तक बर्खास्तगी नहीं होने पर विरोध जताया गया.
सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय तक मार्च
सिविल सर्जन पर कार्रवाई की मांग को लेकर निवर्तमान जिला प्रधान महासचिव सह प्रवक्ता युवा राजद मधेपुरा संजीव कुमार और युवा कांग्रेस नेता निशांत यादव के संयुक्त नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रतिरोध मार्च निकाला गया. मार्च सदर अस्पताल के मुख्य द्वार से शुरू होकर सिविल सर्जन कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचा.
संजीव कुमार ने कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल
संजीव कुमार ने कहा कि रक्षक ही शोषक और भ्रष्ट हो जाए तो शासन पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट में सिविल सर्जन को दोषी बताए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह बड़ा सवाल है.
कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संजीव कुमार ने कहा कि मधेपुरा की जनता ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने मांग की कि सिविल सर्जन के खिलाफ अविलंब कठोर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाए. कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गयी.
निशांत यादव ने पुराने आरोपों का किया जिक्र
निशांत यादव ने कहा कि मई 2026 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी सिविल सर्जन पर घूसखोरी, मनमानी और निजी डॉक्टरों व क्लीनिक संचालकों को परेशान करने के आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि इसके बाद नकद रिश्वत लेने का वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है.
दर्जनों कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रतिरोध मार्च के दौरान अमित आनंद, बिनोद कुमार, सोनू कुमार, शिवशंकर कुमार, जयप्रकाश कुमार, राजा कुमार, रणधीर कुमार, रामसेठ कुमार समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे.
