Madhepura University News: मधेपुरा में विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक अगर महीनों तक अपने पारिश्रमिक का इंतजार करते रहें, तो इसका सीधा असर उनके आर्थिक जीवन पर पड़ता है. मधेपुरा स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में सितंबर 2025 में नियुक्त अतिथि शिक्षकों का मानदेय अब तक लंबित रहने का मामला सामने आया है.
वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. शशिशेखर झा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अतिथि शिक्षकों के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने और आगे से भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है.
सितंबर 2025 में नियुक्ति, अब तक भुगतान का इंतजार
बताया गया है कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सितंबर 2025 में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. नियुक्ति के बाद से अतिथि शिक्षक लगातार अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अध्यापन कार्य कर रहे हैं.
लेकिन करीब एक साल बीतने के बावजूद उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण अतिथि शिक्षकों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गयी है.
नियमित पढ़ाई के बाद भी पारिश्रमिक नहीं मिलने पर सवाल
डॉ. शशिशेखर झा ने राज्यपाल को भेजे पत्र में कहा है कि नियुक्ति के बाद से सभी अतिथि शिक्षक निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य कर रहे हैं.
उनका कहना है कि नियमित रूप से अध्यापन कार्य कराने के बावजूद पारिश्रमिक का भुगतान नहीं होना गंभीर और अन्यायपूर्ण स्थिति है. अतिथि शिक्षकों के साथ-साथ उनके परिवार भी लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.
यह मामला केवल मानदेय का भुगतान लंबित रहने तक सीमित नहीं है. लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने से उन शिक्षकों की रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतें भी प्रभावित होती हैं, जिनकी आय का महत्वपूर्ण हिस्सा इसी पारिश्रमिक पर निर्भर करता है.
राज्यपाल से विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश देने की मांग
डॉ. शशिशेखर झा ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को अतिथि शिक्षकों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया जाये.
इसके साथ ही भविष्य में अतिथि शिक्षकों को मानदेय का भुगतान समयबद्ध तरीके से हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गयी है.
Madhepura University News: अब विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
सितंबर 2025 से नियुक्त अतिथि शिक्षकों के मानदेय का मामला करीब एक साल से लंबित बताया जा रहा है. ऐसे में राज्यपाल को भेजे गये पत्र के बाद इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
अतिथि शिक्षकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब यही है कि लंबित वेतन का भुगतान कब तक होता है और भविष्य में भुगतान में देरी रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन क्या व्यवस्था करता है.
