मधेपुरा में स्कूलों के नाम बदलने पर गरमाई सियासत, NUSI नेता निशांत यादव बोले- शिक्षा मंत्री की धमकियों से डरने वाले नहीं

Madhepura News: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के स्कूलों के नाम बदलने पर दिए गए धमकी भरे बयान के खिलाफ एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है. निशांत यादव ने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं.

Madhepura News: बिहार के 551 सरकारी स्कूलों के नाम बदलने के फैसले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. इसी मुद्दे पर मधेपुरा में एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने दर्जनों छात्रों के साथ प्रेस वार्ता कर सरकार और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर निशाना साधा.

निशांत यादव ने दावा किया कि स्कूलों के नाम बदलने का उन्होंने विरोध किया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री की ओर से कथित तौर पर धमकी भरा बयान दिया गया. इसी के विरोध में यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई.

शिक्षा मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

प्रेस वार्ता में निशांत यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति के हाथ में है, जो शिक्षा के मूल मुद्दों से अधिक अन्य विषयों पर चर्चा करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए स्कूल खोलने के बजाय पहले से स्थापित स्कूलों के नाम और पहचान बदलकर विकास का दावा कर रही है.

उन्होंने शिक्षा मंत्री पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए.

'विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार'

एनएसयूआई नेता ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को सरकार की नीतियों का विरोध करने और सवाल पूछने का अधिकार देता है. उनके अनुसार, सरकार की जिम्मेदारी सवालों का जवाब देना है, न कि विरोध करने वालों को कथित तौर पर धमकाना.

उन्होंने शिक्षा मंत्री के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है.

महापुरुषों के नाम हटाने का लगाया आरोप

निशांत यादव ने आरोप लगाया कि जिन स्कूलों के नाम बदले गए, उनमें कई संस्थानों का नाम स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के नाम पर था. उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.

उन्होंने विशेष रूप से स्वतंत्रता सेनानी रास बिहारी मंडल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व रखने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान बनाए रखना चाहिए.

आंदोलन की चेतावनी

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर पुनर्विचार नहीं किया तो पूरे बिहार में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता रहेगा और किसी भी तरह के दबाव से पीछे नहीं हटेगा.

प्रेस वार्ता में एनएसयूआई के जिला सचिव सोनू कुमार, प्रखंड संयोजक रणधीर कुमार सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

Madhepura News: सरकार का पक्ष आना बाकी

इस प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोप एनएसयूआई नेता निशांत यादव की ओर से व्यक्त किए गए हैं. इस खबर में शिक्षा मंत्री या राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है. उनका पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है.

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By Savita Nandan

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