स्थानीय लोगों ने मिठाई पुलिस शिविर में पदस्थापित एएसआई (ASI) देवेंद्र ठाकुर पर मिठाई चौक पर सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज और हंगामा करने का गंभीर आरोप लगाया है. इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और करीब ढाई घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. आक्रोशित लोगों को शांत कराने के बाद सदर थाना पुलिस एएसआई को अपने साथ ले गई है और मामले की छानबीन में जुट गई है.
लोगों का फूटा गुस्सा, समान कानून की मांग को लेकर अड़े ग्रामीण
घटना के संबंध में बताया जाता है कि मंगलवार की रात करीब आठ बजे एएसआई देवेंद्र ठाकुर कथित रूप से शराब के नशे में मिठाई चौक पर कुछ स्थानीय लोगों के साथ उलझ गए और गाली-गलौज करने लगे. जब आमजन ने इसका कड़ा विरोध किया, तो वह अपने सरकारी आवास में चले गए. इस वाकये से स्थानीय युवाओं का आक्रोश भड़क उठा. मौके पर जुटे ग्रामीणों का कहना था कि जब आम नागरिकों को शराब पीने के आरोप में पुलिस तुरंत जेल भेज देती है, तो नियम तोड़ने वाले पुलिस अधिकारी पर भी वैसी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
ब्रेथ एनालाइजर जांच की मांग पर अड़े रहे लोग, मुखिया-सरपंच ने कराया शांत
चौक पर शुरू हुआ यह हंगामा रात साढ़े दस बजे तक लगातार जारी रहा. भीड़ को नियंत्रित करने और समझाने के लिए भान टेकठी पंचायत के मुखिया विकास कुमार और मिठाई के सरपंच बलराम यादव मौके पर पहुंचे. इस बीच डायल-112 की टीम और ड्यूटी पर तैनात दरोगा सुनील कुमार ने भी लोगों को निष्पक्ष कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया. हालांकि, लोग मौके पर ही ब्रेथ एनालाइजर मशीन मंगाकर एएसआई की मेडिकल जांच कराने की मांग पर अड़े रहे. अंततः सदर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एएसआई देवेंद्र ठाकुर को हिरासत में लिया और थाने ले गई, जिसके बाद माहौल शांत हुआ.
मामले को रफा-दफा करने का वीडियो वायरल, हाल ही में हुआ था तबादला
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि एक वीडियो में आरोपी एएसआई अपने कमरे के भीतर कुछ लोगों से मामले को रफा-दफा करने की बात कहते दिख रहे हैं. हालांकि, पुलिस या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इन वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, एएसआई देवेंद्र ठाकुर का हाल ही में शंकरपुर थाना में तबादला हुआ था, जहां उन्होंने मंगलवार को ही योगदान (जॉइन) दिया था, लेकिन वे मिठाई स्थित अपने पुराने आवास पर ही रुके हुए थे जहां यह विवाद हुआ.
कानून की नजर में सब बराबर हैं और शराबबंदी का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, उनका यह आचरण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. फिलहाल सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. एएसआई की चिकित्सीय जांच रिपोर्ट और वरीय अधिकारियों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
