मधेपुरा : बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत क्षेत्रों के गठन एवं परिसीमन को लेकर महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है. 20 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार राज्य की सभी ग्राम पंचायतों का नए सिरे से गठन एवं परिसीमन किया जाएगा. इस प्रक्रिया का आधार वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़े होंगे. यह कार्रवाई बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-11 के तहत की जाएगी.
जिलाधिकारी करेंगे पंचायत क्षेत्रों की घोषणा
अधिसूचना के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश एवं पर्यवेक्षण में प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में ग्राम पंचायत क्षेत्रों की घोषणा करेंगे. पंचायतों के परिसीमन में राजस्व ग्राम को आधार बनाया जाएगा तथा सभी पंचायत क्षेत्रों का पुनर्गठन नए सिरे से किया जाएगा.
प्रखंड होगा परिसीमन की इकाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रखंड को एक इकाई माना जाएगा. पंचायतों का निर्धारण प्रखंड के उत्तर-पश्चिम भाग से शुरू होकर दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर क्रमवार किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
राजस्व ग्राम को नहीं किया जाएगा अनावश्यक विभाजित
अधिसूचना में कहा गया है कि किसी भी राजस्व ग्राम को तब तक विभाजित नहीं किया जाएगा, जब तक उसे दो या उससे अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्रों में शामिल करना अनिवार्य न हो. यदि किसी पंचायत क्षेत्र में एक से अधिक गांव शामिल होंगे तो पंचायत मुख्यालय उस गांव में स्थापित किया जाएगा, जिसकी आबादी सबसे अधिक होगी.
पंचायत चुनाव की तैयारियों को मिलेगी गति
सरकार के इस निर्णय से राज्य में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होने की संभावना है. नए परिसीमन के बाद कई पंचायतों की सीमाओं, क्षेत्रफल और स्वरूप में बदलाव देखने को मिल सकता है.
प्रमुख बातें
- वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होगा परिसीमन.
- सभी ग्राम पंचायतों का नए सिरे से गठन किया जाएगा.
- राजस्व ग्राम को परिसीमन का आधार बनाया जाएगा.
- प्रखंड को परिसीमन की इकाई माना जाएगा.
- जिलाधिकारी ग्राम पंचायत क्षेत्रों की घोषणा करेंगे.
- पंचायत मुख्यालय अधिक आबादी वाले गांव में स्थापित होगा.
