सिंहेश्वर. श्रावणी मेला के अवसर पर मंदिर के प्रांगण में अवस्थित अन्य देवी-देवताओं की पूजा पर रोक लगाने के विरोध में धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष को सिंहेश्वर के पंडा ने आवेदन सौंपा है. आवेदन में बताया कि सिंहेश्वर नाथ बाबा मंदिर के प्रांगण में कई देवी- देवताओं का मंदिर है, जहां भक्तगण पूजा करते हैं. श्रावणी मेला के अवसर पर केवल बाबा के गर्भ गृह, भैया पार्वती के मंदिर में ही जल चढ़ाने के अलावा सभी मंदिरों को घेर दिया जाता है, जिससे कांवरिया भक्तजनों को पूजा नहीं करने दिये जाने से उनके आस्था पर ठेस पहुंचाया जा रहा है. सुरक्षा देने के नाम पर न्यास के पदाधिकारी व सदस्य द्वारा अपने- अपने जिम्मेदारियां को निर्वहन करने से कतराते हैं और सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर लोगों के पूजा-अर्चना करने में बाधक बने हुए हैं. जबकि बाबा भोलेनाथ के अन्य किसी भी मंदिर में जाएं जैसे बाबा बैद्यनाथ बाबा बासुकिनाथ व अन्य मंदिरों में जगह कम रहने के बावजूद ऐसी व्यवस्था नहीं की जाती है. ज्ञात हो कि श्रावणी के अवसर पर पंडा समाज के लोगों को भी मंदिर प्रांगण में जाने से रोक लगाया दिया जाता है, जिसे चंदन लगाने, कलावा बांधना व पूजा नहीं कराने से श्रद्धालुओं के श्रद्धा भाव पर ठेस तो पहुंचती ही है, लेकिन इन से होनेवाली आमदनी से पंडा समाज के परिवार व बच्चों का भरण पोषण चलता है. इस पर रोक लगाने से पंडा समाज को भुखमरी का शिकार होना पड़ता है. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत सभी श्रद्धालुओं का आस्था अनुसार पूजा-अर्चना करने के लिए पंडा लोगों को पूजा करने के अलावा पूजा पाठ कराने एवं चंदन लगाने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था को समाप्त करने की आदेश प्रदान की जाए. वहीं पंडा नवीन कुमार ने बताया कि अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह डीएम से बात की जायेगी.
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