महादलित बस्ती की सड़क निर्माण रोकने की साजिश का आरोप, लोगों ने दिया आवेदन
Allegations of conspiracy to stop road construction
By Kumar Ashish | Updated at :
– महादलित बस्ती की 50 वर्ष पुरानी सड़क पर निर्माण रोकने की साजिश का आरोप, नगर परिषद को सौंपा आवेदन
– वार्ड संख्या 20 के लोगों ने कहा कुछ लोग निजी स्वार्थ में विकास कार्य रोकना चाहते हैं
उदाकिशुनगंज
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 स्थित महादलित बस्ती की जर्जर सड़क के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है. इस संबंध में स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर सड़क निर्माण कार्य को जारी रखने की मांग की है. आवेदन में बताया गया है कि वार्ड संख्या 20 में पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. यह सड़क पिछले लगभग 50 वर्षों से महादलित बस्ती के आवागमन का मुख्य मार्ग रही है. इसी रास्ते से बस्ती के लोग अस्पताल, स्कूल, बाजार सहित अन्य जरूरी स्थानों तक आते-जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का उपयोग बस्ती के सैकड़ों परिवार लंबे समय से करते आ रहे हैं. यदि इस सड़क का निर्माण कार्य रोक दिया जाता है तो महादलित बस्ती के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और उनका आवागमन प्रभावित हो जाएगा. आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और विकास कार्य में बाधा पहुंचाने की नीयत से सड़क निर्माण के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा रहे हैं. जबकि सड़क की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया गया है. लोगों का कहना है कि इस तरह के आरोप केवल मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए लगाए जा रहे हैं. स्थानीय अभिनंदन कुमार ,चुनो ऋषिदेव,नारायण ऋषिदेव, सदन राय,प्रमिला देवी,मधु कुमारी,रीना देवी,ललिता देवी सहित अन्य लोगों ने कहा है कि यदि कोई मार्ग लंबे समय से आम जनता द्वारा निर्बाध रूप से उपयोग किया जा रहा है, तो उसे जनहित में सार्वजनिक मार्ग माना जाता है. ऐसे में निजी स्वामित्व का दावा कर विकास कार्य को रोकना उचित नहीं है. आवेदन के माध्यम से नगर परिषद प्रशासन से मांग की गई है कि स्थल की वस्तुस्थिति की जांच कराई जाए और महादलित बस्ती के व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण कार्य को सुचारु रूप से पूरा कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके. वही दिए गए आवेदन पर वार्ड के कई स्थानीय निवासियों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन जताया है. वहीं नगर परिषद प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है.