मुरलीगंज (मधेपुरा) से संजय कुमार की रिपोर्ट: सहरसा-पूर्णिया रेलखंड का महत्वपूर्ण मुरलीगंज रेलवे स्टेशन वर्षों से यात्री सुविधाओं के अभाव का दंश झेल रहा है. निर्माण काल से लेकर अब तक यह स्टेशन महज 40 फीट के यात्री शेड के सहारे चल रहा है. प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर जहां केवल 40 फीट का छोटा सा शेड बना है, वहीं प्लेटफॉर्म संख्या-2 पूरी तरह खुले आसमान के नीचे है. ऐसे में भीषण गर्मी, तीखी धूप और बारिश के बीच यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को हो रही भारी दिक्कत
मई माह की शुरुआत में ही तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. स्टेशन परिसर में पर्याप्त शेड न होने के कारण यात्रियों को चिलचिलाती धूप में खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार यात्रियों की परेशानी सबसे ज्यादा है. इसके अलावा, प्लेटफॉर्म नीचा (Low Level) होने के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में भी काफी कठिनाई होती है.
12 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन, फिर भी सुविधाएं नदारद
मुरलीगंज स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सहरसा, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा की ओर आवाजाही करते हैं. प्रखंड की 17 पंचायतों के दैनिक मजदूर, नौकरीपेशा, कोर्ट-कचहरी जाने वाले यात्री तथा छात्र-छात्राएं इसी स्टेशन पर निर्भर हैं. यहां से प्रतिदिन हाटे-बाजारे एक्सप्रेस, जनहित एक्सप्रेस, कोसी एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस और मेमू सहित करीब 12 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन होता है, इसके बावजूद स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं.
पेयजल व्यवस्था बदहाल, खराब पड़ा है वाटर कूलर
भीषण गर्मी के बीच स्टेशन पर पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है.
- आयरनयुक्त पानी: प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर लगे नल से आयरनयुक्त (पीला) पानी निकलने की शिकायत यात्रियों ने की है.
- खराब वाटर कूलर: स्थानीय लोगों के सहयोग से स्टेशन परिसर के बाहर लगाया गया वाटर कूलर रखरखाव के अभाव में महीनों से खराब पड़ा है. ऐसे में सक्षम यात्रियों को बाजार से 20 रुपये में बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि गरीब यात्री मजबूरी में अशुद्ध और गर्म पानी पीकर ही अपनी प्यास बुझा रहे हैं.
रेल संघर्ष समिति ने डीआरएम को सौंपा मांग पत्र
यात्री सुविधाओं की बहाली को लेकर रेल संघर्ष समिति एवं स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से शीघ्र यात्री शेड निर्माण, प्लेटफॉर्म ऊंचीकरण और शुद्ध पेयजल व्यवस्था की मांग की है. शनिवार (9 मई) को समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा को रेल संघर्ष समिति मुरलीगंज की ओर से एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया.
मांग पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में समिति के सचिव विकास आनंद, संयोजक विजय यादव, संरक्षक बाबा दिनेश मिश्रा, रेलवे परामर्श समिति सदस्य सूरज जायसवाल, प्रशांत कुमार, डॉ. रोहित भगत, अमित यादव और कन्हैया चौधरी सहित अन्य सदस्य शामिल थे.
अगस्त से प्लेटफॉर्म ऊंचा करने का आश्वासन: समिति के सदस्यों ने बताया कि डीआरएम ने अगस्त माह से प्लेटफॉर्म ऊंचीकरण का कार्य शुरू कराने की बात कही है, लेकिन यात्री शेड निर्माण को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया. सदस्यों ने निराशा जताते हुए कहा कि पूर्व डीआरएम विनय कुमार श्रीवास्तव के समय से लेकर अब तक लगातार गुहार लगाई जा रही है, लेकिन मुख्य समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.
