स्थानीय कलाकारों ने सिंहेश्वर महोत्सव में शामिल नहीं करने का लगाया आरोप

स्थानीय कलाकारों ने सिंहेश्वर महोत्सव में शामिल नहीं करने का लगाया आरोप

मधेपुरा. श्री सिंहेश्वर महोत्सव में इस वर्ष स्थानीय वरिष्ठ व ख्यातिप्राप्त कलाकारों को मंच से वंचित किये जाने का मामला सामने आने के बाद सांस्कृतिक जगत में असंतोष गहराता जा रहा है. इसको लेकर कलाकार संघ की ओर से जिला सचिव राजदीप कुमार ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर जांच की मांग की है. आवेदन में कहा कि वर्षों से मधेपुरा और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करने वाले कई प्रतिष्ठित कलाकारों को महोत्सव की प्रस्तुति सूची से बाहर कर दिया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. इसमें ध्रुपद, ख्याल व ठुमरी जैसे शास्त्रीय विधाओं के कलाकारों के साथ-साथ आकाशवाणी और दूरदर्शन से जुड़े गायक-वादकों का भी उल्लेख किया गया है. कलाकारों का कहना है कि पूर्व वर्षों से स्थानीय स्थापित कलाकारों की सूची चयन समिति के पास उपलब्ध रहती है. इसके बावजूद इस बार उन्हें नजरअंदाज किया गया. आवेदन में उल्लेख है कि महोत्सव में भाग लेने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया मुख्य रूप से नवोदित और कनिष्ठ कलाकारों के लिए थी, जबकि वरिष्ठ कलाकारों को आमंत्रित करने की परंपरा रही है. इसके बावजूद चयन प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप और पक्षपातपूर्ण निर्णय के कारण अनुभवी कलाकारों को दरकिनार कर दिया गया, जिससे स्थानीय कलाकारों में नाराजगी है. कलाकार संघ ने मांग की है कि श्री सिंहेश्वर महोत्सव की कलाकार चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करायी जाय. स्थानीय वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानपूर्वक मंच प्रदान किया जाय और भविष्य में चयन के लिए समान व पारदर्शी नियम बनाए जाएं. साथ ही, चयन समिति में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों को हटाने की भी मांग की गयी है. संघ का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न सिर्फ कलाकारों का मनोबल टूटता है, बल्कि समाज में भी गलत संदेश जाता है. कलाकारों को भरोसा है कि जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से मधेपुरा की सांस्कृतिक गरिमा और स्थानीय कलाकारों के सम्मान की रक्षा होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >