लापरवाही . एसएच-91 पर तैयार की जा रही है मक्के व गेहूं की फसल
जिले के मुरलीगंज बाजार से होकर गुजरने वाले एसएच-91 मुरलीगंज से बिहारीगंज जाने वाले मुख्य मार्ग व चौसा के अरजपुर पश्चिमी पंचायत के भटगामा से नवगछिया सड़क को लोगों ने खलिहान बना दिया है. इससे दुर्घटनाएं आम हो गयी हैं, पर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है.
मुरलीगंज : जिले में रबी फसल की तैयारी मौत का कारण बन रही है. वाहन सवार सड़क पर सुखाये जा रहे फसलों के कारण दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर रूप से घायल होकर मौत के शिकार हो रहे हैं. जिले के मुरलीगंज बाजार से होकर गुजरने वाली एसएच-91 मुरलीगंज से बिहारीगंज जाने वाली मुख्य मार्ग व चौसा के अरजपुर पश्चिमी पंचायत के भटगामा से नवगछिया सड़क को लोगों ने खलिहान बना दिया है. खलिहान बने सड़क पर दुर्घटनाएं आम हो गयी हैं.
दुर्घटना में होने वाले मौत व घायलों की संख्या भी बढ़ गयी है. लेकिन इस तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है. हालांकि सड़क पर फसल तैयार कर रहे लोगों का कहना है कि खेतों में पर्याप्त जगह नहीं रहने के कारण सड़क पर फसल तैयार करते हैं. किसान भी मानते हैं कि इससे दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अपनी मजबूरी के साये में वे इससे परहेज नहीं कर रहे हैं.
कहते हैं वाहन मालिक व चालक
बिहारीगंज से मुरलीगंज की ओर का रहे एक ट्रक चालक बबलू यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि हम लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पर रही है. सड़क पर सुखाये जा रहे अनाज पर अगर चक्का गया तो ग्रमीण मारपीट पर उतारू हो जाते है. कभी विपरीत दिशा से आ रही तेज गति की वाहन के बीच बचाव के कारण दुर्घटनाए घटती रहती है. चौसा से आ रहे पूर्णिया निवासी विमलेंद्र कुमार ने कहा कि इस कदर हो रहे अस्थाई अतिक्रमण में स्थानीय प्रसाशन की भी उदासीनता है. जिला प्रसाशन या संबंधित निकाय के प्रसाशन को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और सड़क हादसे को कम किया जा सके. स्थानीय युवक छोटू कुमार ने बताया कि सड़क के किनारे बसे लोगों में जागरूकता नहीं होने के कारण होता है. वे मनमानी भी करते है. लेकिन इस तरह अनाज की बोरी का छल्ली लगा कर रखना, लकड़ी, बांस, बोल्डर से घेरना तो उचित नहीं है. लेकिन प्रसाशन के द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं होने की वजह से भी कोई परहेज नहीं कर रहा है.
नहीं रुक रहा दुर्घटना में मौत का सिलसिला : गौरतलब है कि इसी सड़क पर पिछले तीन महीनों के दौरान लगातार दुर्घटनाएं घट चुकी है और दुर्घटना में कई मौत भी हो चुकी है. इस मामले में लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन और सड़क परिवहन विभाग द्वारा अनदेखी करने की वजह से स्थानीय किसानों ने सड़क को खलिहान बना डाला है. ऐसा नहीं है कि किसानों के पास अनाज सुखाने और तैयारी करने के लिये खुद का जमीन नहीं है. लेकिन प्रसाशन की कोई हस्तक्षेप नहीं होने की वजह से उनलोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. जिससे सड़क पर गुजरने वाले आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोग कहते है सड़क सुरक्षा अधिनियम के तहत अगर सड़क को अस्थाई अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया और ऐसे किसानों पर कार्रवाई नहीं की गयी तो दुर्घटनाएं घटती ही रहेगी. न जाने कितनी जानें और जायेगी.
