मुखिया व पूर्व मुखिया समेत वार्ड सदस्य अनुमंडल कार्यालय पहुंचे. उन्होंने कहा कि अधिकतर सही लोगों को छांट दिया गया है. इसके विरोध में महिलाओं ने प्रदर्शन किया. इसके बाद सदर एसडीएम ने कहा कि नोटिस का जवाब दें. जांच में सही पाये जाने पर राशन मिलता रहेगा. लेकिन, गलत पाये जाने पर एफआइआर दर्ज कर वसूली की जायेगी.
मधेपुरा : सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड में नहीं आने वाले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को नोटिस भेज कर जवाब मांगा जा रहा है. सदर एसडीएम द्वारा पूरे अनुमंडल क्षेत्र में नोटिस दिया गया है.
इसके बाद शुक्रवार को सदर प्रखंड के बालम गढिया पंचायत से दर्जनों महिलाएं अनुमंडल कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन कर कहा उन्हें परेशान किया जा रहा है. गलत तरीके से सर्वेक्षण कर नोटिस भेजा गया है. जबकि वे हर अर्हत्ता को पूरा करते है. उनके साथ मुखिया अनिल अनल, पूर्व मुखिया सिकेंद्र यादव समेत सभी वार्ड सदस्य भी थे. सबों ने एक स्वर से कहा कि अधिकांश ऐसे लोग है जो सही है लेकिन उन्हें राशन से वंचित किया जा रहा है. मुखिया ने कहा पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए. फर्जी तरीके से टेबूल पर बैठ कर सर्वेक्षण को अंजाम दिया गया है और गरीबों को ही वंचित कर दिया गया है. प्रदर्शनकारी महिलाओं में संतोला देवी, सत्यभामा देवी, शारदा देवी, पलटन यादव, मंजू देवी, रीता देवी, सरीता देवी, अंजु देवी, शांति देवी, विमला देवी, गुलाबी देवी, सोनिया देवी, सुनीता देवी, अरूणा देवी, ममता देवी, अनार देवी, राजकुमारी देवी आदि शामिल थी.
जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न एजेंसी से सर्वेक्षण कराया गया है. सरकार द्वारा ऐसे लोग जिनके पास तिपहिया एवं चार पहिया वाहन हैं. परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय दस हजार से अधिक है, आयकर देते है, व्यावसायिक कर का भुगतान करते है, पक्का मकान तीन कमरा या इससे अधिक है. ढाई एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि के मालिक है. परिवार के कोई सदस्य सरकारी सेवा में हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलना है. जो सही पाये जायेंगे उन्हें राशन जारी रहेगा. वहीं जांच के क्रम में इन 11 कोटि में शामिल होने के बावजूद लाभ ले रहे लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर वसूली की जायेगी. साथ ही सरकारी सेवा में रहते हुए इसका लाभ लेने वाले की नौकरी जायेगी.
संजय कुमार निराला, सदर एसडीएम, मधेपुरा.
