नोटबंदी से 90 प्रतिशत लोग कतार में, 22 करोड़ मजदूर हुए बेकार
मधेपुरा : नोटबंदी के फैसले की वजह से 90 प्रतिशत आदमी कतार में हैं. 22 करोड़ मजदूर बेकार हो गये है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कालाधन और आतंकवाद की चर्चा छोड़ कैशलेस की बात कर लोगों को दुबारा गुमराह करने में लग गये हैं. अब तक फैसलों में सबसे गलत फैसला नोटबंदी का है. जिसकी वजह से हर आदमी परेशान है. सिस्टम में अब तक 14 लाख करोड़ जमा हो गया है और ऐसी आशंका है कि 30 दिसंबर तक भारत में छपे वैध मुद्रा से अधिक राशि बैंकों में जमा हो जायेगी. आखिर कहां गया कालाधन, क्यों हो रहे हैं लोग परेशान.
इन मुद्दों पर आगामी 20 व 22 दिसंबर को जनअधिकार पार्टी महासंग्राम करेगी. जनअधिकार पार्टी के संरक्षक सह मधेपुरा लोस के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए ये बातें कही.
उन्होंने कहा अगर सही मायने में सरकार सुधार चाहती तो बेनामी संपत्ति पर हमला बोलती.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बताएं कि क्या दोनों पार्टियों की रैलियां कैशलेस हो रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर केंद्र सरकार से नौ सवाल पूछा है. सरकार को इसका जवाब देना चाहिए. सांसद ने कहा बैंकों में जमा होने वाली राशि से बड़े उद्योगपति को कर्ज माफी दी जा रही है. सांसद पप्पू यादव ने कहा कि नोटबंदी के कारण 3.2 फीसदी उद्योग बंद हो गये. 32 लाख लोग बेरोजगार हो गये. आम आदमी के हाथ में पैसा नहीं है. आम आदमी तक पैसा पहुंचे, यह व्यवस्था सरकार को करनी होगी. नीतीश कुमार अपनी सभाओं में बस और पैसे भेजकर जीविका कार्यकर्ताओं को जुटा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी (लो) जनता के मुद्दों पर 20 दिसंबर को रेलवे चक्का जाम और 22 दिसंबर को सड़क पर चक्का जाम का निर्णय लिया है.
उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस चक्का जाम में आप हमारा सहयोग दें और जनता के सरोकार से जुड़ी लड़ाई को नयी ताकत दें.
