चिंताजनक . जिले में थमने का नाम नहीं ले रहा है डायरिया का प्रकोप
डायरिया जिले में कहर बन कर बरप रहा है. इस बार सितंबर व अक्तूबर में जमकर बारिश की वजह से जल जमाव के बाद पानी सूखने के साथ-साथ डायरिया पीड़ितों की संख्या भी बढ़ रही है. सदर अस्पताल मधेपुरा में रोज 15 से 20 मरीज डायरिया के पहुंच रहे हैं. वहीं पीएचसी में भी डायरिया पीड़ित इलाज कराने आ रहे हैं.
मधेपुरा : डायरिया या दस्त होने पर किसी का भी दिन पूरी तरह रुक-सा जाता है. यदि आप इससे जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं. तो इसे सिर्फ आहार या दवा के द्वारा ठीक किया जा सकता है. इसके अलावा इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि डायरिया होने से इसका असर सीधे आपके शरीर के तरल पदार्थ पर पड़ता है, इसलिए अपने शरीर को पानी तथा अन्य तरल पदार्थ की आपूर्ति करते रहें. सुप्रसिद्ध गेस्ट्रो डा असीम प्रकाश कहते हैं कि डायरिया के कारण लगातार शरीर से तरल का क्षय होता है.
परिणामस्वरूप शरीर के निर्जलीकरण की संभावना बढ़ जाती है. जिससे गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है, तथा नियंत्रण से बाहर होने पर आपको अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है. निर्जलीकरण के प्रारंभिक लक्षण में मुंह, गले तथा आंखों में सूखापन, गाढ़े रंग का मूत्र, थकान और चक्कर इत्यादि हैं.
दही, अदरक व पुदीना भी है दवा
डा नेहा प्रकाश कहती है कि दही में उपस्थित प्रो-बायोटिक (जैविक घटक) आपकी आतों में इसकी पुनः आपूर्ति करने में मदद करेंगे. प्रो-बायोटिक एक प्रकार के जीवंत बैक्टीरिया होते हैं जो आपके पाचन प्रणाली को सुचारू रूप से चलाते हैं. एंटीबायोटिक खाने की वजह से हुए डायरिया में संभव है कि आंतों में स्थित उपयोगी बैक्टीरिया भी दवाई खाने से नष्ट हो गए हों. इसलिए तुरंत दही खाने पर ये बैक्टीरिया आंतों में पुनः स्थापित होकर डायरिया (दस्त) के प्रवाह को रोकती हैं. पेट की गड़बड़ी को अदरक या पुदीने से ठीक किया जा सकता है. इन दोनों ही चीजों को आंतों को आराम देने तथा नियंत्रित करने में उपयोगी माना जाता है.
तथा इनके सेवन से डायरिया (दस्त) में आराम मिलता है. अदरक में प्रज्वलन – रोधी (anti-inflammatory) गुण होते हैं. जो कि आंतों की गड़बड़ी ठीक करने तथा पाचन में सहयोगी होते हैं. प्रभावशाली परिणाम के लिए 250 एमएल पानी में 10 एमएल कद्दूकस किया अदरक उबालें तथा इसे पीयें. डायरिया से जल्द आराम के लिए अदरक की चाय पीयें ताजा पुदीना के सेवन से भी पेट की गड़बड़ी ठीक होती है, पेट तथा आंतों के मरोड़ में आराम मिलता है
कैफीन से रहें दूर
कैफीन के सेवन से पेट में दर्द तथा गैस हो सकती है. तथा इससे शरीर में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) भी होता है. इसमें कैफीनयुक्त पदार्थों जैसे कि कॉफी, चॉकलेट, इत्यादि का समावेश होता है. ऐसे आहार त्याग दें जो पेट में कठिनाई उत्पन्न करते हैं. इस समय ज्यादा रेशेयुक्त खाद्य-पदार्थ तथा ऐसे पदार्थ जिससे पेट में गैस बनती हो,
डायरिया-संबंधी पेट के दर्द को और बढ़ा देंगे. जिससे आपकी परेशानी बड़ सकती है. खासतौर पर इस समय ताजा फल तथा सब्जियों सहित रेशेयुक्त खाद्य-पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए. ऐसे आहार से भी बचना चाहिए जो गैस बनाते हैं जैसे की बीन्स, खासतौर पर यदि आपको डायरिया के साथ पेट में मरोड़ की समस्या भी है. उन्होने बताया कि डायरिया में किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर शरीर को पूरा आराम देना अत्यधिक जरूरी है. जब तक कि यह शिथिल न हो जाये.
इस समय किया गया आराम आपके शरीर को डायरिया के किसी भी वायरस से लड़ने का अवसर प्रदान करता है. इसके अलावा, डायरिया की वजह से आप बेचैन भी महसूस कर रहें है तो आराम करने से बेचैनी तथा इस तरह के अन्य शारीरिक लक्षणों में आराम मिलता है डायरिया ठीक होने में मदद मिलती है. इसके अलावा अगर आराम नहीं मिलता है तुरंत अस्पताल जाकर चिकित्सक से संपर्क करें.
थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल खाद्य-पदार्थ लेते रहें
डायरिया या दस्त से जल्द छुटकारा पाने के लिए सबसे बढ़िया तरीका है कि अपने पाचन प्रणाली पर आवश्यकता से अधिक तनाव न पड़ने दें. हालांकि ये बहुत पुराना और सर्वमान्य उपाय है. लेकिन फिर भी गौर करने वाली बात यह है कि तरल पदार्थों में भी वो पेय लेने की कोशिश करें जो स्वास्थ्य और पाचन दोनों की दृष्टि से लाभकारी हों, जैसे सादा ठंडा नमक और शक्कर का पानी, निंबू का शरबत. डायरिया की चपेट में आने पर आहार के रूप में तरल खाद्य-पदार्थ ठोस आहार से बेहतर होते हैं. चाहे आप कुछ भी खाने के लिए चुनें, लेकिन उसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही लें. दिन में पांच से छह बार हल्के-फुल्के खानपान करें.
इन खाद्य पदार्थों के सेवन से मिलता है लाभ
डा असीम प्रकाश कहते है सौम्य तथा हलके आहार चुनें. सौम्य आहार जैसे की केले, चावल और मूंग दाल की खिचड़ी, सेब का रस, चाय, टोस्ट इत्यादि में सरल शर्करा होती है तथा ये कम अम्लीय होते हैं. जिससे ऐसे आहार आंत व पाचन प्रणाली को आराम देते हैं. उबले तथा मसले हुए आलू, लाइट बिस्किट, इत्यादि भी खाये जा सकते है. यदि डायरिया दूषित अन्न खाने के कारण हुआ है तो जला हुआ टोस्ट खाएं. जले हुए टोस्ट को मेडिसनल चारकोल के सौम्य विकल्प के रूप में प्रयोग किया जाता है. मेडिसनल चारकोल कई अस्पतालों में दूषित अन्न खाने पर फैले जहर को निष्प्रभावित करने के लिए उपयोग में लाया जाता है.
